असम में आसमानी आफत, बाढ़ की जद में 6 जिलों के 46 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर

sagar parvez

Over 46,000 in six districts hit by Assam floods as Brahmaputra overflows, India

Over 46,000 in six districts hit by Assam floods as Brahmaputra overflows, India
Over 46,000 in six districts hit by Assam floods as Brahmaputra overflows, India

असम में बाढ़ से पहली मौत हुई है। छह जिलों के 46,938 लोग प्रभावित हैं, जबकि ब्रह्मपुत्र समेत दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Over 46,000 in six districts hit by Assam floods as Brahmaputra overflows, India

असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। मंगलवार (30 जून) को राज्य में बाढ़ से पहली मौत दर्ज की गई, जबकि छह जिलों के 46 हजार से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, ब्रह्मपुत्र समेत दो प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित

एएसडीएमए की बाढ़ बुलेटिन के मुताबिक, धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई। यह इस वर्ष राज्य में बाढ़ से हुई पहली मौत है। धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और विश्वनाथ समेत छह जिलों के 10 राजस्व मंडलों और 221 गांवों के कुल 46,938 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें सबसे अधिक 45,841 प्रभावित लोग अकेले धेमाजी जिले में हैं। इससे एक दिन पहले पांच जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या 45,500 दर्ज की गई थी।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि बाढ़ नियंत्रण के प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, जबकि मंत्रिपरिषद के सहयोगी राहत कार्यों, सुरक्षा उपायों और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।

राहत शिविरों में 450 से ज्यादा विस्थापित

जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहाईं और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत ने कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर राहत कार्यों की समीक्षा की। एएसडीएमए के अनुसार, नेआमतीघाट में ब्रह्मपुत्र और नांगलामुराघाट में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य में चार राहत शिविरों में 450 से अधिक विस्थापित लोगों को ठहराया गया है, जबकि छह राहत सामग्री वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

हजारों हेक्टेयर फसल और 88 हजार से ज्यादा मवेशी प्रभावित

बाढ़ का असर कृषि और पशुधन पर भी व्यापक रूप से पड़ा है। राज्य में 3809.0243 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। इसके अलावा 50 हजार बड़े पशुओं सहित 88 हजार से अधिक मवेशी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एएसडीएमए की बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ की मौजूदा लहर में कई सड़कों समेत विभिन्न बुनियादी ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है।

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