बिहार में आसमानी बिजली का कहर, 24 घंटे में 5 महिलाओं सहित 9 लोगों की मौत, 10 घायल

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9 Killed, 10 injured In Lightning Strikes In Bihar In 24 Hours, India

9 Killed, 10 injured In Lightning Strikes In Bihar In 24 Hours, India
9 Killed, 10 injured In Lightning Strikes In Bihar In 24 Hours, India

बिहार में बारिश के दौरान नवादा और बांका में आसमानी बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हुए। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई लोग खेतों में काम कर रहे थे।

9 Killed, 10 injured In Lightning Strikes In Bihar In 24 Hours, India

बिहार में बारिश के बीच आसमानी बिजली ने दो जिलों में कहर बरपाया है। नवादा और बांका में मंगलवार को हुई अलग-अलग घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। नवादा के रजौली में धान की रोपाई कर रहे तीन मजदूरों पर बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बांका के चांदन और बौंसी प्रखंड में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों में पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। कई घायलों में महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं।

नवादा में खेत में धान रोप रहे तीन मजदूरों की मौत

नवादा जिले के रजौली प्रखंड की अमावां पश्चिमी पंचायत के दरियापुर गांव के पास मंगलवार शाम किसान मनोज यादव के खेत में मजदूर धान की रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदला, आसमान में बादल छाए और तेज गर्जना के साथ खेत में आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई तो टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। रजौली से दो एंबुलेंस भी घटनास्थल पर भेजी गईं।

मृतकों की पहचान सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव निवासी मनी मांझी (60), राजेंद्र मांझी (20) और इंद्रजीत मांझी (18) के रूप में हुई है। राजेंद्र, रामप्रीत मांझी के पुत्र थे, जबकि इंद्रजीत, इंदल मांझी के पुत्र थे। तीनों आपस में रिश्तेदार थे। मधेशरा गांव से कुल 12 मजदूर धान रोपाई के मौसम में मजदूरी करने रजौली आए थे। ये सभी अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे थे। कुछ मजदूर राजा बिगहा गांव में थे, जबकि चार मजदूर दरियापुर में मनोज यादव के खेत में धान रोप रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। उनके साथ काम कर रहा रघुवीर कुमार बाल-बाल बच गया और उसने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है और दूसरे जिले में रोजी-रोटी कमाने आए मजदूरों की अचानक मौत ने उनके परिवारों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

रजौली थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एएसआई संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जरूरी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उन्हें नवादा सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि वज्रपात से तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। मृतकों के परिजनों को आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत सरकारी मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। खेतों में काम के दौरान हुए इस हादसे ने खुले स्थानों पर वज्रपात के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। दरियापुर और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है।

बांका में पांच की मौत, 10 लोग घायल

बांका जिले में भी मंगलवार को बारिश के दौरान वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। चांदन और बौंसी प्रखंड क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। चांदन प्रखंड के सुईया थाना क्षेत्र के बोंड़ा गांव में खेत में धान रोपने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। एक किशोर और एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान शंभू यादव की पत्नी कुसमी देवी (45), टीपन यादव की पत्नी रिंकू देवी (35) और राजेंद्र यादव की पत्नी रेणु देवी (38) के रूप में हुई है। तीनों महिलाएं आपस में गोतनी थीं। वहीं, सौरभ कुमार, पिता टीपन यादव और रानी कुमारी, पुत्री स्वर्गीय कार्तिक यादव वज्रपात से गंभीर रूप से घायल हैं।

बौंसी प्रखंड में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत और पांच लोग घायल हो गए। सिराय गांव के वार्ड नंबर-7 निवासी सुरेश यादव खेत जाने के दौरान पोखर के पास आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, काजीकैरी गांव की सुफियाना खातून (50) खेत में धान रोप रहे मजदूरों के लिए नाश्ता पहुंचाकर लौट रही थीं। इसी दौरान बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। नसीमा खातून (40) गंभीर रूप से झुलस गईं। नदी में पानी और पुल नहीं होने के कारण उनका इलाज गांव में ही कराया जा रहा है। दलिया गांव की माधुरी देवी (42) समेत बेना मोहनपुर गांव की तीन महिलाएं भी वज्रपात से झुलस गईं। सुरेश यादव और सुफियाना खातून के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवारों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। लगातार बारिश के बीच वज्रपात की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बेलहर के जेडीयू विधायक मनोज यादव ने घटना पर दुख जताया और एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत को बेहद दुखद बताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। दोनों जिलों में हुए हादसों के बाद प्रभावित गांवों में मातम पसरा हुआ है। बारिश के मौसम में खुले खेतों और दूसरे स्थानों पर काम कर रहे लोगों के लिए वज्रपात का खतरा एक बार फिर गंभीर रूप से सामने आया है।

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