
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी प्रतापसिंह पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब मतदाताओं को लगता है कि उन्हें हल्के में लिया जा रहा है, तो वे अपना असंतोष जाहिर करते हैं।
Maha | ‘Satish, bro, it is done now’: NCP (SP) winner says angry MLC voters leave chits in ballot boxes to signal discontent, India
महाराष्ट्र में विधानपरिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी राकांपा के विधान पार्षद सतीश चव्हाण को हराने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी प्रतापसिंह पाटिल ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब मतदाताओं को लगता है कि उन्हें हल्के में लिया जा रहा है, तो वे अपना असंतोष जाहिर करते हैं। वोटरगाइड देखें
पाटिल ने कहा कि नाराज मतदाताओं ने अपनी बात पहुंचाने के लिए मतपेटियों में पर्चियां तक डाल दी थीं। उन्होंने दावा किया कि एक पर्ची पर लिखा था, ‘‘सतीश (चव्हाण) भाई, अब काम हो गया है।’’
18,124 वोटों से हारे सतीश चव्हाण
औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रतापसिंह पाटिल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधान पार्षद सतीश चव्हाण को 18,124 वोटों से हराया। लंबी मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए।
हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए निर्धारित 88,558 वोटों का कोटा नहीं मिला, लेकिन प्रतापसिंह पाटिल 85,876 वोट हासिल कर सबसे आगे रहे और उन्हें विजेता घोषित किया गया।
आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद सतीश चव्हाण को 67,752 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार रवींद्र साबले पाटिल ने 19,897 वोट हासिल किए, जबकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार दिलीप घुगे को 8,489 वोट मिले।
प्रचार के लिए मिले सिर्फ 12-15 दिन
प्रतापसिंह पाटिल ने अपनी जीत का श्रेय स्नातक मतदाताओं और महाविकास अघाड़ी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रचार के लिए उनके पास केवल 12 से 15 दिन थे। इस दौरान उन्होंने 76 तालुकों का दौरा किया और अगले छह वर्षों के लिए अपना विजन मतदाताओं के सामने रखा।
पाटिल के मुताबिक, महाविकास अघाड़ी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे समर्पण के साथ चुनाव लड़ा। गठबंधन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं। वोटरगाइड देखें
एकनाथ शिंदे की पार्टी के विधायक ने भी किया समर्थन
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक अब्दुल सत्तार ने अपनी पार्टी के सतीश चव्हाण को समर्थन देने के फैसले के बावजूद प्रतापसिंह पाटिल का खुलकर साथ दिया।
इस बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा कि लोकतंत्र में यदि किसी उम्मीदवार में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करने की क्षमता है और कोई उसका समर्थन करता है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
वहीं, महाविकास अघाड़ी का हिस्सा होने के बावजूद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार के चुनाव लड़ने पर पाटिल ने इसे ‘दोस्ताना मुकाबला’ बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने आखिरी समय तक कोई समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। वोटरगाइड देखें
पांच में से तीन सीटों पर महाविकास अघाड़ी की जीत
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे।
चुनाव परिणामों में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक-एक सीट जीती, जबकि शेष तीन सीटों पर महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार विजयी रहे। नागपुर स्नातक सीट पर भी मुकाबला काफी कड़ा रहा।



