
श्मशान घाट और कब्रिस्तानों के संचालन की जिम्मेदारी निजी हाथों में दी जाएगी. अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 700 रुपये का शुल्क देना होगा, उसके बाद हीं रसीद कट जाएगा.
Funeral rites at cremation grounds and graveyards will now cost 700 rupees; the Municipal Corporation has changed the rules.
अलीगढ़ में अब अंतिम संस्कार करना भी महंगा होने जा रहा है. शहर के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों के संचालन की जिम्मेदारी निजी हाथों में दी जाएगी. अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 700 रुपये का शुल्क देना होगा, उसके बाद हीं रसीद कट जाएगा.
76 श्मशान घाट-कब्रिस्तान होंगे निजी हाथों में
नगर निगम की योजना में शहर के 39 कब्रिस्तान, एक छोटे बच्चों का मरघट और 36 श्मशान घाट शामिल हैं. इन सभी स्थलों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी जाएगी. इन जगहों पर पानी, बिजली, टिनशेड और बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा चहारदीवारी, सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. इससे अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी.
निजी एजेंसी रखेगी अंतिम संस्कार का रिकॉर्ड
निजी एजेंसी अंतिम संस्कार होने के बाद भी सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगी. साथ ही, अस्थियों को सुरक्षित रखने के लिए अलग हॉल की व्यवस्था भी की जाएगी. इससे अस्थियों को निर्धारित समय तक सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राप्त करने में सुविधा होगी. सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस व्यवस्था के जरिए इन स्थलों की लगातार निगरानी भी जाएगी.
तीन साल के लिए दी जाएगी जिम्मेदारी
पहले चरण में निजी कंपनी को तीन साल के लिए जिम्मेदारी दी जाएगी. अगर काम अच्छा रहा तो कंपनी को दो साल का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है. इस तरह कुल पांच साल तक संचालन का मौका मिल सकता है. अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को 700 रुपये का शुल्क देना होगा. शुल्क जमा करने के बाद उन्हें इसकी रसीद दी जाएगी.
अज्ञात शव और कमजोर परिवारों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
लवारिश शवों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों सेकोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. नगर निगम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देना है.
नगर निगम पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय भार
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के अनुसार इस व्यवस्था से नगर निगम पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा. निजी कंपनी संचालन और रखरखाव से होने वाली आय का इस्तेमाल इन्हीं स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में करेगी. इसमें सफाई, सुविधाओं के रखरखाव और जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी शामिल होगी. पहले चरण में कंपनी के कामकाज का मूल्यांकन भी किया जाएगा.



