
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश: फतेहपुर क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में चार साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। बच्ची की मां की शिकायत पर प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
UP | School principal, 4 others booked over sexual abuse of a four-year-old nursery girl student, Fatehpur; India
उत्तर प्रदेश: फतेहपुर क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में चार साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। बच्ची की मां की शिकायत पर प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपों में एक महिला शिक्षिका भी शामिल है। मामला अदालत के आदेश के बाद दर्ज हुआ है।
स्कूल से फोन आने पर पहुंचे परिजन
शिकायत के अनुसार, फतेहपुर कस्बे में रहने वाली महिला की चार साल की बेटी स्कूल में केजी की छात्रा है। घटना वाले दिन बच्ची रोज की तरह स्कूल गई थी। सुबह करीब 11:40 बजे परिवार को फोन आया और बच्ची के कपड़े लेकर स्कूल पहुंचने को कहा गया।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल पहुंचने पर बच्ची की पैंट पर खून लगा हुआ था। पूछने पर एक शिक्षिका ने बताया कि बच्ची के साथ कक्षा के बजाय बाथरूम में कुछ हुआ है। इसके बाद परिवार बच्ची को चिकित्सक के पास ले गया।
डॉक्टर की जांच के बाद बढ़ी चिंता
परिवार के मुताबिक, चिकित्सकीय जांच में बच्ची के निजी अंग में सूजन और अंदरूनी चोट की बात बताई गई। इसके बाद परिजन स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य को इसकी जानकारी दी।
आरोप है कि वहां परिवार के साथ गाली-गलौज की गई, बच्ची के पिता के साथ मारपीट हुई और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी शिकायत
बच्ची की मां ने शिकायत में आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने से इनकार किया और फुटेज हटाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया था, लेकिन शुरुआत में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है।
बाद में बच्ची का जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद मां ने विशेष पॉक्सो न्यायालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद फतेहपुर कोतवाली में यौन उत्पीड़न और धमकी सहित आरोपों के संबंध में प्रधानाचार्य तथा चार अन्य शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जानी है।
बच्ची की कम उम्र को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है। जांच में चिकित्सकीय रिपोर्ट, स्कूल के रिकॉर्ड और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका हो सकती है। फिलहाल आरोपों को जांच के आधार पर परखा जाना बाकी है।




