
आवेदकों में तैबुनेसा बेगम भी शामिल हैं, जिन्होंने लगभग 20 वर्षों तक गोघाट स्थित गोचर भगवती गर्ल्स स्कूल की प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्य किया है।
India | Bengal voters appeal to President Murmu for euthanasia after names dropped from electoral rolls
पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के आरामबाग के छह निवासियों ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मौत की गुहार लगाई, क्योंकि कथित तौर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने आरामबाग के एसडीओ (अनुमंडल पदाधिकारी) के माध्यम से मुर्मू को आवेदन प्रस्तुत किया। अधिकारी ने बताया कि आवेदकों में एक सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने एसडीओ कार्यालय जाकर अपने आवेदन के साथ सहायक दस्तावेज जमा किए।
निर्वाचन अधिकारी ने कहा, “ये सभी छह लोग आरामबाग नगरपालिका के वार्ड नंबर छह के निवासी हैं, जहां कथित तौर पर कुल 206 नाम सूची से हटा दिए गए थे।” उन्होंने बताया कि आवेदकों में तैबुनेसा बेगम भी शामिल हैं, जिन्होंने लगभग 20 वर्षों तक गोघाट स्थित गोचर भगवती गर्ल्स स्कूल की प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्य किया है।
अधिकारी के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि पेंशन संबंधी कागजात और पासपोर्ट सहित अन्य आधिकारिक दस्तावेज होने के बावजूद उसका नाम सूची से हटा दिया गया था। एसडीओ कार्यालय के बाहर खड़ी तैबुनेसा ने कहा, “हमने स्वैच्छिक मृत्यु के लिए आवेदन जमा कर दिया है, क्योंकि हम अब और यह पीड़ा सहन नहीं कर सकते।” आवेदकों के साथ स्थानीय पार्षद स्वपन नंदी भी थे।
तैबुनेसा ने आशंका व्यक्त की कि विशेष गहन पुनरीक्षण सूची संशोधन के बाद मतदाता सूची से उनके नाम “हटा दिए जाने” के कारण उन्हें निरुद्ध केंद्र भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम हिरासत का सामना करने के बजाय मौत को गले लगाना पसंद करेंगे।”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक चुनावी रैली में कहा था कि बंगाल में कोई भी निरुद्ध केंद्र में नहीं जाएगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी।



