
28 दिनों बाद शवों के मिलने से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन और समुदाय के सदस्य शवों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
Six men from the Naga community found dead after abduction in India’s Manipur, India
मणिपुर के लीलोन वैफेई गांव से 13 मई 2026 को कथित रूप से अगवा किए गए नागा समुदाय के छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सभी शवों को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) के शवगृह में रखा गया है।
करीब 28 दिनों बाद शवों के मिलने से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन और समुदाय के सदस्य शवों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
लियांगमाई नागा काउंसिल मणिपुर के अध्यक्ष टिमोथी विजुनामाई ने कहा कि सबसे पहले यह पुष्टि की जाएगी कि बरामद शव वास्तव में उन्हीं छह लोगों के हैं जो पिछले महीने लापता हुए थे। उन्होंने कहा कि शवों की स्थिति का आकलन करने और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित परिवारों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सरकारी कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए विजुनामाई ने कहा कि शवों को इंफाल लाने में 28 दिन का समय लगना बेहद निराशाजनक है। उनके अनुसार, इस मामले में सरकार की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं रही है और अब समुदाय की नजर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ चर्चा के बाद ही आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
24 घंटे तक चले संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद 6 शव बरामद किए गए
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने बताया कि व्यापक तलाशी अभियान में मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के लगभग 450 जवान शामिल थे। अभियान में खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली गई। करीब 24 घंटे तक चले संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद छह शव बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, शव कांगपोकपी जिले के सैतु-गाम्फाजोल उपमंडल के खारम वैफेई गांव के निकट एक वन क्षेत्र से मिले। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कुकी-जो समुदाय की आबादी वाला इलाका माना जाता है। अधिकारियों का मानना है कि मृतक उन लोगों में शामिल थे जिन्हें 13 मई को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाया गया था।
24 घंटे बंद का आह्वान
घटना के विरोध में नागा समुदाय की प्रमुख संस्था यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने आज यानी 11 जून सुबह 6 बजे से 12 जून सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के मणिपुर बंद का आह्वान किया है। संगठन ने लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से बंद का समर्थन करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग में एकजुटता दिखाने की अपील की है।
यूएनसी ने यह भी घोषणा की है कि जब तक उसकी चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं और राज्य व केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं करतीं, तब तक छह नागा बंधकों के शव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।




