
ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई और संस्थान के प्रशासनिक कार्यों को संभालने वाले प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव होटल से बरामद होने के बाद नेपाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
Raushan Anand Brother of Khan Sir’s coaching centre rival found dead in Nepal
पटना के ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक गेस्ट हाउस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. नेपाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और उनके कमरे में मौजूद उसके 6-7 दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हालांकि, अभी भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और सस्पेंस बना हुआ है. इस खबर आने के बाद प्रिंस यादव के बारे में लोग जानना चाहते हैं कि वे क्या करते थे और नेपाल क्यों गए थे? आइए इस मौत की मिस्ट्री के बारे में जानते हैं और साथ ही यह भी कि प्रिंस यादव कौन थे, उनके किन कद्दावर नेताओं से संबंध रहे.
पटना. बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच के विवाद में नया मोड़ आ गया है. इस मुसल्लहपुर हाट स्थित फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ पर हुए हमले के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के संचालक रौशन आनंद के सगे छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. रविवार सुबह नेपाल के विराटनगर स्थित एक गेस्ट हाउस से प्रिंस यादव का शव बरामद होने की खबर से बिहार के शिक्षा जगत से लेकर सियासी गलियारों तक सनसनी फैल गई है. इस मौत की मिस्ट्री को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. बता दें कि प्रिंस यादव अपने बड़े भाई रौशन आनंद के कारोबार को संभालते थे और उनके कनेक्शन बिहार की सत्ताधारी और विपक्षी पार्टी कई कद्दावर नेताओं से भी थे.
नेपाल के होटल में मिला शव, मौत की वजह क्या?
बताया जाता है कि पटना पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए प्रिंस यादव पिछले कुछ दिनों से अपने 6-7 दोस्तों के साथ नेपाल में थे. रविवार सुबह अचानक खबर आई कि नेपाल के एक होटल में उसकी मौत हो गई है. प्रिंस यादव की मौत की असली वजह को लेकर फिलहाल गहरा सस्पेंस बना हुआ है. मौत के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है. इस बीच नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और कमरे में मौजूद उसके दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
कौन थे प्रिंस यादव और क्या था खान सर से विवाद?
बता दें कि प्रिंस यादव पटना के कंकड़बाग और मुसल्लहपुर इलाके में अपने बड़े भाई और ज्ञान बिंदु कोचिंग के मुख्य शिक्षक रौशन आनंद के साथ रहते थे. वह कोचिंग के प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े मामलों को देखते थे. बीते 2 जून को पटना में खान सर की कोचिंग पर हुए हिंसक पथराव और बमबाजी के मामले में खान सर की टीम की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में प्रिंस यादव को मुख्य नामजद आरोपी बनाया गया था.
पहले भी चर्चा में रहे प्रिंस यादव
दरअसल, खान सर के गार्ड्स ने आरोप लगाया था कि प्रिंस यादव और उसके सहयोगियों ने कोचिंग को बम से उड़ाने की धमकी दी थी और मारपीट की थी. इस विवाद के बाद रौशन आनंद को पटना पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि प्रिंस लगातार फरार चल रहे थे. जानकारी के अनुसार, इससे पहले साल 2021 में भी खान सर की कोचिंग पर हुए हमले में प्रिंस यादव का नाम सामने आया था.
कद्दावर नेताओं के करीबी होने की चर्चा
जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव सहरसा के रहने वाले थे और वे केवल कोचिंग मैनेजमेंट तक सीमित नहीं थे, बल्कि पटना की छात्र राजनीति और रसूखदार गलियारों में भी उनकी मजबूत पैठ थी. पटना के राजनीतिक हलकों में यह बात बेहद आम है कि प्रिंस यादव के राष्ट्रीय जनता दल के कई शीर्ष और युवा नेताओं के साथ बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध रहे हैं. सोशल मीडिया से लेकर पटना की सियासी गतिविधियों में उन्हें राजद के कई कार्यक्रमों और नेताओं के साथ देखा जाता रहा है. यही कारण है कि उनकी मौत की खबर सामने आते ही बिहार की राजनीति में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है. पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या प्रिंस को नेपाल में शरण दिलाने या छिपाने में किसी राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल किया गया था.




