
यूपी के फिरोजाबाद नगर निगम में बीजेपी पार्षद ऊषा देवी शंखवार ने विकास कार्यों की अंदेखी और पानी की समस्या से नाराज होकर धरना दिया और गेट पर मुंडन करा लिया।
‘No work for 3 years’ UP BJP councillor shaves her head in protest
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार विकास और सुशासन के दावे करते रहे हैं, लेकिन फिरोजाबाद नगर निगम में बीजेपी की ही एक महिला पार्षद के विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिरोजाबाद नगर निगम में विकास कार्यों और पानी की समस्या को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बीजेपी की महिला पार्षद ऊषा देवी शंखवार ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देते हुए मुंडन करा लिया। इस दौरान वह भावुक होकर कई बार फूट-फूट कर रोती नजर आईं। पार्षद ने विकास कार्यों में लगातार अनदेखी और भेदभाव का आरोप लगाया।
मामला इतना बढ़ गया कि नगर निगम परिसर में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में नगर आयुक्त प्रशांत नागर मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
पानी की समस्या को लेकर भड़का विरोध
आजाद नगर वार्ड से बीजेपी पार्षद ऊषा देवी शंखवार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम पहुंचीं। उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों के सामने अपने क्षेत्र में विकास कार्य न होने और पानी की समस्या का मुद्दा उठाया।
इसी दौरान क्षेत्र के कई महिला और पुरुष जल संकट की शिकायत लेकर जलकल कार्यालय पहुंच गए। स्थानीय लोगों का आरोप था कि नगला विश्नु टंकी से सुबह केवल 10 से 15 मिनट तक ही पानी मिलता है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को नहाने और रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने कहा कि इलाके में पिछले तीन वर्षों से पानी की टंकी बनवाने की मांग की जा रही है। कई बार पत्र भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नगर निगम गेट पर धरना, फिर कराया मुंडन
अधिकारियों से संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्षद क्षेत्रीय लोगों के साथ नगर निगम के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं। दोपहर करीब 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद करीब 12:30 बजे उन्होंने एक युवक से अपना मुंडन करवा लिया।
मुंडन की घटना के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए प्रवर्तन दल ने मुख्य गेट से वाहनों की आवाजाही रोक दी। सहायक नगर आयुक्त निहाल चंद्र भी मौके पर पहुंचे, लेकिन पार्षद मेयर को बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं।
इस दौरान उन्होंने मेयर प्रतिनिधि पर भी अनदेखी का आरोप लगाया और कई बार रोते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह नगर निगम परिसर में आत्महत्या तक कर लेंगी।
अन्य पार्षद भी पहुंचे, नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन
पूरे मामले की सूचना मिलते ही बीजेपी के अन्य पार्षद मुनेंद्र यादव, नरेश शर्मा नीटू, आशीष दिवाकर और देशदीपक यादव समेत कई लोग मौके पर पहुंच गए। पार्षदों ने नगर निगम में नियमित रूप से सदन और कार्यकारिणी की बैठक नहीं बुलाए जाने सहित कई मुद्दों पर नाराजगी जताई।
मामला बढ़ता देख नगर आयुक्त प्रशांत नागर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वार्ड छह की पार्षद द्वारा उठाई गई समस्याओं की जांच के लिए निर्माण और जलकल विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम में विकास कार्य बजट की उपलब्धता के आधार पर कराए जाते हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ और पार्षद को सरकारी वाहन से घर भेजा गया।




