मध्य प्रदेश: कटनी में इंसानियत शर्मसार, पति की उखड रही थी सांसे पत्नी से धुलवाई गई एम्बुलेंस, वीडियो वायरल होने पर लिया गया एक्शन

sagar parvez

MP | A disturbing viral video from Katni District Hospital has triggered massive outrⱥge, exposing crⱥcks in India’s public healthcare

MP | A disturbing viral video from Katni District Hospital has triggered massive outrⱥge, exposing crⱥcks in India’s public healthcare
MP | A disturbing viral video from Katni District Hospital has triggered massive outrⱥge, exposing crⱥcks in India’s public healthcare

मध्य प्रदेश के कटनी में घायल मरीज के परिजन से एम्बुलेंस साफ कराने का वीडियो वायरल हुआ है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

MP | A disturbing viral video from Katni District Hospital has triggered massive outrⱥge, exposing crⱥcks in India’s public healthcare

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से सामने आए वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के परिजन को एम्बुलेंस में ले जाने से पहले उसे साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

घायल को रेफर करने से पहले ‘एम्बुलेंस साफ़’ का आरोप

जानकारी के मुताबिक, यह मामला 32 वर्षीय राहुल बर्मन से जुड़ा है, जो करेला गांव के पास एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें कटनी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर एक महिला परिजन 108 एम्बुलेंस धोती हुई दिखी गई, जबकि पास में एक स्टाफ सदस्य खड़ा है। इस दृश्य ने अस्पताल परिसर में दुर्व्यवहार के आरोपों को जन्म दिया।

अस्पताल प्रशासन का जवाब और कार्रवाई

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने कहा कि उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामले का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस ड्राइवर से जवाब मांगा जा रहा है और अन्य स्टाफ को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

नोटिस जारी कर कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, एम्बुलेंस ड्राइवर और इंचार्ज को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब के आधार पर तय की जाएगी। वहीं, एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली निजी एजेंसी ने इस मामले में कथित तौर पर शामिल दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

मामले की जांच जारी

प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या पीड़ित के परिजनों को मरीज को ले जाने के लिए पैसे देने या एम्बुलेंस साफ करने के लिए मजबूर किया गया था। घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और मानवीय व्यवहार को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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