
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि लोको पायलट (ट्रेन चालक) की सूझ-बूझ और कार में सवार लोगों के समय रहते उतर जाने के कारण घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।
Ratlam, MP | A major accident was narrowly averted at crossing after the Valsad-Hisar Express collided with a car stuck on the tracks
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सेजावता-बंजली बायपास क्षेत्र में देर रात रेलवे फाटक पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंजली रेलवे फाटक नंबर 192 पर रेलवे ट्रैक और फाटक के बीच फंसी एक कार वलसाड-हिसार पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। ट्रेन और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, लेकिन गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और कार चालक सुरक्षित बच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएस) अश्वनी कुमार ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि लोको पायलट (ट्रेन चालक) की सूझ-बूझ और कार में सवार लोगों के समय रहते उतर जाने के कारण घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया गया कि रात में बंजली रेलवे फाटक पर ट्रेन के गुजरने के लिए फाटक बंद किया जा रहा था। इसी दौरान एक कार रेलवे ट्रैक और फाटक के बीच फंस गई। इसी बीच जावरा की ओर से आ रही वलसाड-हिसार पैसेंजर ट्रेन (04728) वहां पहुंच गई। ट्रैक पर कार मौजूद होने के कारण ट्रेन की कार से टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन की रफ्तार कम होने से टक्कर का प्रभाव सीमित रहा और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर रेलवे का रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई। हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और फाटक संचालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही रतलाम रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए। डीआरएस अश्वनी कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कार किन परिस्थितियों में ट्रैक पर पहुंची और ट्रेन से टक्कर होने की नौबत क्यों आई। जांच रिपोर्ट के बाद ही दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



