
लखीमपुर खीरी के चिल्ड्रंस एकेडमी स्कूल में प्रेमी सऊद अंसारी ने शिक्षिका निशात फातिमा की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली, ब्रेकअप से नाराज होकर आरोपी हथियार के साथ स्कूल पहुंचा था. घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया.
UP Teacher Shot Dead In Front Of School Students, Attacker Dies By Suicide, Lakhimpur kheri, India
लखीमपुर में महिला टीचर की हत्या से पहले का CCTV सामने आया है। इसमें आरोपी टीचर को गन पॉइंट पर लेकर उसका हाथ पकड़कर खींचते हुए ले जाता दिख रहा है। बच्चे और टीचर सहमे नजर आ रहे हैं। कोई उसे रोकने की हिम्मत नहीं करता। आरोपी टीचर को स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पर ले जाता है। थोड़ी देर बाद टीचर को 4 गोली मारकर खुद जान दे देता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह 11:30 बजे सऊद अंसारी (28) बैग में 2 तमंचे लेकर स्कूल पहुंचा। वह टीचर निशात फातिमा (26) से बहस करने लगा। उसने एक तमंचा फातिमा को देकर कहा- तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा। लेकिन फातिमा ने गोली नहीं चलाई।
इससे आरोपी नाराज हो गया। उसने तमंचा निकाला और फातिमा पर फायर कर दिए। वह फर्श पर गिर गईं। गोली चलने की आवाज से स्कूली बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। स्टाफ मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक सऊद ने खुद को भी गोली मार ली। देर रात टीचर का पोस्टमॉर्टम हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने टीचर को 4 गोलियां मारी थीं।
वारदात से पहले सऊद ने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाई। लिखा- ‘हम दुनिया में आए हैं, तो यह दुनिया छोड़नी भी पड़ेगी। मुझे माफ कर देना, अगर मैंने जाने-अनजाने में आपका दिल दुखाया हो… अल्लाह हाफिज।’ उसने इंस्टाग्राम के बायो में स्पैनिश भाषा में लिखा था- यूजर मर गया…!
टीचर के घर वालों ने एकतरफा प्यार में हत्या का आरोप लगाया है। घटना कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में हुई।
आरोपी टीचर से कैसे संपर्क में आया, वारदात को क्यों अंजाम दिया, 4 पॉइंट में पढ़िए पूरी कहानी
1- पहले आरोपी के घर किराए पर रहती थी टीचर, यहीं से बातचीत शुरू हुई
मोहल्ला नौरंगाबाद में सऊद अंसारी का घर है, जबकि निशात फातिमा का घर हिदायत नगर में है। दोनों के घरों के बीच की दूरी करीब 1 किमी है। सऊद के पिता कय्यूम अंसारी जिला उद्योग कार्यालय में काम करते हैं। उसके बड़े भाई दाऊद अंसारी की सोफे-गद्दे की दुकान है। सऊद बीकॉम करने के बाद B.Ed. कर रहा था।
निशात फातिमा के पिता इलियास मुंबई में काम करते हैं। बड़ा भाई शादाब अख्तर PCS की तैयारी कर रहा है। छोटा भाई अनस भी पढ़ाई करता है। परिवार मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है। 12 साल पहले इलियास परिवार को लेकर लखीमपुर आए थे। शुरुआत में इलियास का परिवार सऊद के घर पर किराए पर रहने लगा। यहीं से सऊद और निशात फातिमा की बातचीत शुरू हुई। कुछ दिन बाद इलियास ने अपना घर बनवा लिया और परिवार वहां शिफ्ट हो गया। हालांकि, दोनों की बातचीत होती रही।
2- शादी करने का दबाव बना रहा था, टीचर मना करती थी
निशात रोजाना ऑटो से शाहपुरा कोठी इलाके में बने चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में पढ़ाने जाती थीं। लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले तक सऊद भी कभी-कभार बाइक से उन्हें छोड़ने और लेने जाता था। हालांकि, पिछले कुछ महीने से सऊद और फातिमा के बीच बातचीत बंद थी।
टीचर के भाई शादाब ने बताया कि सऊद अक्सर बहन को परेशान करता था। वह शादी के लिए दबाव बनाता था, लेकिन बहन ने मना कर दिया था। हम लोगों ने भी कई बार सऊद को समझाया। उसके माता-पिता से शिकायत करने के बावजूद उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया।
3- अचानक स्कूल पहुंचा, टीचर से बहस करने लगा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह सऊद बैग लेकर चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल पहुंचा। बैग में उसने 2 तमंचे और 5 कारतूस रखे थे। स्कूल में इस समय बच्चों के पेपर चल रहे थे। 11:30 बजे जब पेपर छूटा, तो फातिमा बच्चों को गेट से बाहर निकाल रही थीं।
इसी बीच सऊद पहुंचा और उनसे बात करने लगा। कुछ ही देर में दोनों के बीच बहस होने लगी। बहस करते हुए दोनों फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गए। यहां रूम नंबर-11 के सामने कॉरिडोर में दोनों में तेज झगड़ा होने लगा। सऊद ने तमंचे निकाले और एक फातिमा के हाथ में थमा दिया।
4- दूसरी टीचर बचाने दौड़ी तो कहा- जान से मार देंगे
शोर सुनकर दूसरी क्लास की टीचर बचाने दौड़ीं। इस पर सऊद ने तमंचा दिखाकर धमकाया कि अगर कोई भी बीच में आएगा, तो वह भी मारा जाएगा। इसके बाद टीचर ने बच्चों के साथ खुद को भी क्लासरूम में बंद कर लिया। फातिमा ने वहां से भागने की कोशिश की तो सऊद ने उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।
बच्चे इतना डर गए कि टिफिन-बॉटल तक छोड़कर चले गए
फायरिंग की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल मैनेजमेंट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूरी बिल्डिंग खाली करा ली। पेपर खत्म होने का टाइम था, इस वजह से ज्यादातर बच्चों के पेरेंट्स गेट के बाहर ही खड़े थे। घटना से बच्चे इतना ज्यादा डर गए कि घर वालों को देखते ही रोने लगे। स्कूल में टिफिन और बॉटल तक छोड़कर चले गए।
वारदात से पहले लिखा- हमें यह दुनिया जरूर छोड़नी होगी
सऊद इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पिछले कुछ महीनों से सैड और ईगो से रिलेटेड पोस्ट कर रहा था। मरने से कुछ मिनट पहले भी सऊद ने अपनी इंस्टाग्राम पर स्टोरी पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था…
अस्सलामुअलैकुम आप सभी को!
अगर मेरी अचानक मौत हो जाए, तो मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि कृपया अपने फोन और सोशल नेटवर्क से मेरी तस्वीरें हटा दें। मेरे मैसेज क्लियर कर दें और मेरे फेसबुक अकाउंट को रिपोर्ट कर दें। इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। हम इस दुनिया में आए हैं, तो हमें यह दुनिया जरूर छोड़नी होगी।
मेरी मौत के बाद कृपया मेरी तस्वीरें न देखें और न ही पोस्ट करें…। मेरे लिए दुआ पढ़ें, इंशाअल्लाह इससे मुझे मदद मिलेगी। मुझे माफ कर देना, अगर मैंने जाने-अनजाने में आपका दिल दुखाया हो। जब आप सुनें कि मैं अब नहीं रहा, तो R.I.P. न कहें और न ही पोस्ट करें।
मैं मुस्लिम हूं, इसलिए आपको “इन्ना लिल्लाहि और इन्ना इलैहि राजिऊन” कहना चाहिए। मुझे हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की उम्मत होने पर गर्व है। अल्लाह हाफिज!
लखीमपुर में एक स्कूल में घुसकर महिला टीचर की हत्या कर दी गई। आरोपी ने पहले टीचर को तमंचे से गोली मारी, फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। मामला कलेक्ट्रेट के ठीक सामने स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल का है। वारदात के समय स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।



