
चमोली की नीति घाटी में बादल फटने के बाद BRO चालक की तलाश जारी है। 40 मीटर पुल बहने से 13 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है और हाईवे बंद है।
Uttarakhand bridge washed away, BRO driver missing as flood cuts off more than 13 villages
उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी के तमक क्षेत्र में सोमवार को बादल फटने के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। एनडीआरएफ की टीम ने देर रात तक लापता बीआरओ के ओसी के ड्राइवर की तलाश की, लेकिन उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार को भी एनडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है और लापता व्यक्ति की तलाश जारी रखी जाएगी।
40 मीटर पुल बहा, 13 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा
बादल फटने के बाद नीति घाटी का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। करीब 40 मीटर लंबा पुल बह जाने से इलाके में आवाजाही प्रभावित हुई है और 13 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। सेना की अग्रिम चौकियों तक पहुंचने वाला संपर्क मार्ग भी बाधित हुआ है। प्रशासन की ओर से जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ के 27 जवान लगाए गए हैं। इनमें से 15 जवानों को खास तौर पर लापता व्यक्ति की तलाश में लगाया गया है। वहीं, नीति-मलारी नेशनल हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश के कारण चमोली जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बदरीनाथ हाईवे पर भी मलबा, यात्री फंसे
भारी बारिश के बीच बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पागल नाला के पास मलबा आने से रास्ता बाधित हो गया है। मलबे और लगातार बारिश के कारण दोनों तरफ चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री फंस गए हैं। इससे यात्रा मार्ग पर भी परेशानी बढ़ गई है।
चमोली गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने तमक क्षेत्र में बादल फटने की घटना को लेकर चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार से जानकारी ली। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को मौके पर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने और हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
12 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच अगले 24 घंटे के दौरान 12 जिलों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी में खतरा बना हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हालात पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने नदी-नालों और बरसाती जलधाराओं के पास नहीं जाने की भी सलाह दी है।



