
नाइजर की सेना ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 आतंकवादी मारे गए, जबकि चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
Major terror attack at Niger airport; 35 dead so far, including 11 soldiers; 22 attackers killed
अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार को हुए भीषण आतंकी हमले में करीब 35 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समर्थित आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (JNIM) ने ली है। खबर है कि जवाबी हमले में 22 हमलावरों के ढेर होने की भी खबर है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई आतंकियों को मार गिराया, जबकि कुछ हमलावर स्थानीय लोगों के बीच छिपकर फरार होने में सफल रहे। आतंकियों की तलाश के लिए सेना द्वारा अभियान शुरू किए जाने की जानकारी फैलते ही कई नागरिक डंडों और अन्य हथियारों के साथ सड़कों पर उतर आए और संदिग्ध अजनबियों पर हमला करने लगे। बाद में सेना ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
जवाबी हमले में 22 आतंकियों के ढेर होने की खबर
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला गुरुवार सुबह फज्र की नमाज के तुरंत बाद हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि नमाज के बाद उन्हें जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके तुरंत बाद सेना की टुकड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना होती दिखाई दीं।
नाइजर की सेना ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 आतंकवादी मारे गए, जबकि चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, जिनमें RPG-7 लॉन्चर, AK-47 राइफलें, विस्फोटक, ग्रेनेड और संचार उपकरण शामिल हैं।
सेना ने स्वीकार किया कि कुछ नागरिक भी आतंकियों की तलाश में शामिल हुए थे, हालांकि उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। हमले के बाद जांच के लिए एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि नाइजर, बुर्किना फासो और माली तीनों देशों में सैन्य शासन है और ये लंबे समय से इस्लामिक आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। नाइजर का यह एयरपोर्ट नागरिक उड़ानों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके कारण यह आतंकियों के निशाने पर रहता है।
इससे पहले जनवरी में भी इसी एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। उस हमले में चार सैनिकों की मौत हुई थी, जबकि 20 हमलावर मारे गए थे। उस समय नाइजर के राष्ट्रपति अब्दुरहमान तियानी ने हमले के लिए फ्रांस और बेनिन पर आरोप लगाए थे तथा हमले को विफल करने में सहयोग के लिए रूस का आभार व्यक्त किया था।



