कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव ने मोनू यादव को सुपारी देकर हत्या कराई। इंद्रजीत हिरासत में है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू फरार है।
Bar Body President Abducted & Murdered After Being Lured Into SUV Car On Pretext, India
उरई के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की जमीन विवाद में अपहरण के बाद कार में जैक से सिर और चेहरे पर वार कर हत्या कर दी गई। रविवार को उनका शव कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में नहर में मिला।
पुलिस के मुताबिक, कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव ने मोनू यादव को सुपारी देकर हत्या कराई। इंद्रजीत हिरासत में है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू फरार है। कार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों को गोली लगी।
कालपी के कागजीपुरा के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार के बेटे हर्ष ने शनिवार को कोतवाली में चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हर्ष के मुताबिक, केस की फाइल देने के बहाने पिता को दुर्गा मंदिर चौराहे पर बुलाया गया था। वह स्कूटी से उन्हें लेकर पहुंचा तो बिना नंबर प्लेट की सफेद कार सवार लोग गयादीन को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। एसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात ही तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। पूछताछ में उन्होंने चलती कार में गाड़ी के जैक से वार कर अधिवक्ता की हत्या करने और शव गुजैनी नहर में फेंकने की बात कबूल की। रविवार सुबह आरोपियों की निशानदेही पर गुजैनी पुलिस की मदद से शव बरामद किया गया। आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल कार के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं, गुजैनी थाने के कार्यवाहक प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि पहचान मिटाने के लिए अधिवक्ता के चेहरे पर कई वार किए गए थे।
मुठभेड़ में दो को लगी गोली
कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हुई हत्या का 24 घंटे के भीतर खुलासा हो गया। साजिशकर्ता भौंती प्रतापपुर निवासी इंद्रजीत सिंह यादव और कानपुर के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इंद्रजीत ने जमीन के लिए सुपारी देकर हत्या कराई है। वहीं कार बरामदगी के दौरान दो शूटरों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, दोनों के मुठभेड़ में गोली लगी है। एक आरोपी अभी फरार है।
कानपुर से तीन शूटर गिरफ्तार
कालपी की अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि तीन शूटरों सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू निवासी बर्रा, आशीष विश्वकर्मा निवासी गुजैनी, केशव कटियार निवासी बर्रा को कानपुर से गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही पर शव और आला-ए-कत्ल बरामद हुआ। कार बरामदगी के लिए रविवार रात करीब 11 बजे पुलिस तीनों को लेकर कालपी के जोधर नाला के जंगल पहुंची, जहां आरोपियों ने पहले से छिपाकर रखे असलहे से पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की फायरिंग में आशीष और सर्वेश के पैर में गोली लगी है। एसपी सुरेश चंद्र ने बताया कि इंद्रजीत ने मोनू यादव, उसके साथियों से वारदात कराई है। जबकि मोनू फरार है।
मुवक्किल से मिलने गये थे वकील
गयादीन के बेटे हर्ष ने बताया, ‘शनिवार को पापा रोज की तरह कालपी तहसील गए थे और काम के सिलसिले में उरई चले गए थे। इसके बाद करीब चार बजे उनका फोन आया कि मुझे आकर ले जाओ। जब वह पहुंचा तो पिता ने कहा कि कुछ मुवक्किल आ रहे हैं, उनसे फाइल लेनी है। इसके बाद उन्होंने उसे दुर्गा मंदिर की तरफ चलने के लिए कहा। वह उन्हें स्कूटी पर बैठाकर दुर्गा मंदिर चौराहे पर ले गया। वहां पहले से सफेद रंग की कार में चार लोग खड़े थे। हालांकि वह उन्हें जानता नहीं था। पापा ने उनसे अपनी फाइल मांगी तो उन्होंने कहा कि चाचा, थोड़ा चाय-नाश्ता कर लीजिए, इसके बाद फाइल दे देंगे। इसी बहाने अपनी गाड़ी में बैठा लिया और भाग निकले।’



