
CJI सूर्यकांत ने कहा, “हम वीडियो देखने में रुचि नहीं रखते। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।” उन्होंने वकील से यह भी कहा, कोर्ट का समय बर्बाद मत कीजिए और अपना समय भी बर्बाद मत कीजिए।”
“Don’t waste our time,” CJI Surya Kant on plea against police action on student protesters during CJP march
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर दायर एक अर्जेंट याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत से प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखने और मामले में स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेने की मांग की थी।
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सुनवाई के दौरान वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित सख्ती के कई वीडियो मौजूद हैं और अदालत उन्हें देखकर हस्तक्षेप करे। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “हम वीडियो देखने में रुचि नहीं रखते। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।” उन्होंने वकील से यह भी कहा, कोर्ट का समय बर्बाद मत कीजिए और अपना समय भी बर्बाद मत कीजिए।”
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। इनमें नीट परीक्षा का निष्पक्ष और सुचारु आयोजन तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार जैसी मांगें शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस चरण पर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने या स्वतः संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।



