
दिग्गज नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले धरती पकड़ ने 280 से अधिक चुनाव लड़कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। उनके लिए चुनाव लड़ने का मकसद जीत-हार तक सीमित नहीं था, बल्कि वह इसे लोकतंत्र में भागीदारी का एक तरीका था।
Bihar’s ‘dharti pakad’, who contested polls against Indira, Rajiv and Atal, is dead
नगर निकाय चुनावों से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक 280 से अधिक चुनाव लड़कर देश भर में ‘धरती पकड़’ के नाम से मशहूर हुए बिहार के भागलपुर के कारोबारी नागरमल बाजोरिया का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने परिवार ने बताया कि लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को पटना के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, प्रणब मुखर्जी समेत देश के कई बड़े और दिग्गज नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले धरती पकड़ ने 280 से अधिक चुनाव लड़कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। उनके लिए चुनाव लड़ने का मकसद जीत-हार तक सीमित नहीं था, बल्कि वह इसे लोकतंत्र में भागीदारी का एक तरीका था।
पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था जन्म
पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान) के मूल निवासी नागरमल बाजोरिया का जन्म 1930 में लाहौर में हुआ था। विभाजन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा के बीच लाखों शरणार्थियों के साथ वह भी अपना घर छोड़कर भारत आए थे। बाद में उन्होंने पूर्वी बिहार के भागलपुर में अपना ठिकाना बनाया, जो उस समय वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध था।
स्वर्गीय बाजोरिया के पुत्र सौरभ ने बताया कि उनके पिता ने 2005 का बिहार विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, जब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सत्ता से बाहर हुआ। उन्होंने कहा, “वे ऐसे कपड़े पहनकर प्रचार करते थे, जिन पर उनके सिद्धांतों वाले नारे छपे रहते थे। उनकी कलाई में एक पुरानी घड़ी रहती थी, जिसके बारे में वे गर्व से कहते थे कि वह महात्मा गांधी के दौर की है।”
दिग्गज नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़कर चर्चा में आए
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं था कि मेरे पिता को हमेशा हार ही मिली। उन्होंने 1960 में एक नगर निकाय चुनाव जीता था। हालांकि, 1969 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद उन्हें देशभर में पहचान मिली। वह चुनाव वी. वी. गिरि ने जीता था।”
भागलपुर निवासी बाजोरिया ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को क्रमशः रायबरेली और अमेठी में चुनौती देने का दावा किया था। गांधी परिवार के अलावा बाजोरिया ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जैसे दिग्गज नेताओं के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था।
हर बार चुनाव लड़ने के कारण धरती पकड़ नाम पड़ा
पिछले कई वर्षों से बढ़ती उम्र के कारण उनका सार्वजनिक जीवन सीमित हो गया था। उनके बेटे सौरभ ने बताया कि वे 2024 का लोकसभा चुनाव एक से अधिक सीटों, विशेषकर पटना साहिब और रायबरेली से लड़ना चाहते थे, लेकिन खराब स्वास्थ्य इसकी राह में बाधा बन गया। उनकी अंतिम चर्चित राजनीतिक पहल 2012 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करना थी। उन्होंने अंतिम चुनाव 2019 में लड़ा था।
एक वरिष्ठ पत्रकार ने याद करते हुए बताया कि नागरमल बाजोरिया कई बार गधों के गले में प्रसिद्ध नेताओं के नाम वाली तख्तियां लटकाकर प्रचार करते थे। वे अपने अभियान में रुचि दिखाने वाले लोगों के बीच मुट्ठी भर काजू और किशमिश भी बांटते थे। कहा जाता है कि हार के बावजूद हर बार चुनाव लड़ने के कारण ही बाजोरिया का नाम धरती पकड़ पड़ा था। उन्होंने सबसे ज्यादा बार चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाया था।




