बाजार में हाहाकार, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग का असर

sagar parvez

Impact of Iran-US-Israel conflict, crude oil crosses $100 barrel for first time since 2022

Impact of Iran-US-Israel conflict, crude oil crosses $100 barrel for first time since 2022
Impact of Iran-US-Israel conflict, crude oil crosses $100 barrel for first time since 2022

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर तेल बाजार पर दिखने लगा है। WTI और ब्रेंट क्रूड $106 प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Impact of Iran-US-Israel conflict, crude oil crosses $100 barrel for first time since 2022

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव की वजह से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में चिंता का माहौल बन गया है।

तेल बाजार में भारी उछाल

सोमवार को अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड की कीमत $15.66 की तेजी के साथ $106.56 प्रति बैरल तक पहुंच गई। यानी इसमें करीब 17.23 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई। वहीं ब्रेंट क्रूड भी $14.23 की तेजी के साथ $106.92 प्रति बैरल पर पहुंच गया।

इससे पहले शुक्रवार तक तेल की कीमतें करीब $90 के आसपास बनी हुई थीं, लेकिन वीकेंड के दौरान मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने के बाद बाजार का पूरा समीकरण बदल गया।

युद्ध और हमलों से बढ़ा तनाव

कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच पिछले दस दिनों से जारी संघर्ष के कारण आई है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें तेहरान का प्रमुख ईंधन डिपो भी शामिल बताया जा रहा है।

जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद सैन्य ठिकानों को लेकर सामने आई खबरों ने ऊर्जा बाजार में हलचल और बढ़ा दी है।

तेल कीमतों में और तेजी आएगी?

ऊर्जा विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के बड़े हिस्से के कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। फिलहाल ईरान ने इस रास्ते को बंद नहीं किया है, लेकिन चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो अमेरिका या इजरायल से जुड़े किसी भी व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। अगर इस मार्ग पर किसी तरह की बाधा आती है तो वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में और तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया और वैश्विक चिंता

बढ़ती कीमतों को लेकर अमेरिका में भी हलचल है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने मौजूदा तेजी को बाजार की घबराहट का नतीजा बताया है और कहा है कि यह उछाल अस्थायी हो सकता है।

वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि ईरान के मौजूदा शासन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई लंबे समय में तेल उद्योग के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन इसे सुरक्षा की कीमत के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक जैसे ही ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया जाएगा, तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं।

Follow Us on… Dailyhunt kootwitter fb GOOGLE NEWS+

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

फिर बदलेगा मौसम का मिजाज़, 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट

Weather update | Heavy Rain Alert: IMD Issues Yellow Warning For 22 Districts
Weather update | Heavy Rain Alert: IMD Issues Yellow Warning For 22 Districts

You May Like

error: Content is protected !!