
उदित राज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बहुत बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर बुलडोजर चला? हिंदू राष्ट्र अभी बना ही नहीं, उसके पहले की झलक है।”
Woman killed while resisting daughter’s abduction in Meerut, opposition questions on bulldozers action?
मेरठ में एक महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कानून-व्यवस्था की अराजकता की स्थिति में धकेला जा रहा है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरठ के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला खेत जाने के लिए अपनी बेटी के साथ घर से निकली थी। रास्ते में गुंडे एक बेटी को किडनैप करने लगे। मां ने रोकने की कोशिश की तो उसकी हत्या कर दी और बेटी को उठा ले गए। इस घटना को करीब 48 घंटे हो चुके हैं, लेकिन कुछ पता नहीं लग सका है।”
उदित राज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बहुत बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर बुलडोजर चला? हिंदू राष्ट्र अभी बना ही नहीं, उसके पहले की झलक है।”
समाजवादी पार्टी के नेता योगेश वर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह घटना बहुत दर्दनाक और चौंकाने वाली है। इसने जिले के पूरे दलित समुदाय को हिला दिया है। ऐसे क्रूर काम पर कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को जिम्मेदार लोगों को सबक सिखाना चाहिए। इस तरह की अराजकता को रोकना होगा। अब तक प्रशासन को बुलडोजर लेकर आरोपियों के घरों तक पहुंच जाना चाहिए था।”
मेरठ पुलिस के अनुसार, जिले के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक 20 साल की लड़की का अपहरण किया था। इस दौरान, 50 साल की महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया। बाद में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस घटना से इलाके में गुस्सा फैल गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में की है। बताया जा रहा है कि दोनों उसी गांव के रहने वाले हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपियों और अगवा की गई लड़की की तलाश में जुटी है।




