लेह में GenZ का प्रदर्शन: पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प, CRPF की गाड़ी फूंकी, BJP दफ्तर में भी आग लगाई, सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे थे छात्र

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Ladakh Statehood Demand: Clashes break out between students and police in Leh, protestors set BJP office in Fire

Ladakh Statehood Demand: Clashes break out between students and police in Leh, protestors set BJP office in Fire
Ladakh Statehood Demand: Clashes break out between students and police in Leh, protestors set BJP office in Fire

हिंसक प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ का गाड़ी फूंक दी गई। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाया।

Ladakh Statehood Demand: Clashes break out between students and police in Leh, protestors set BJP office in Fire

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। छात्रों ने भाजपा ऑफिस में आग लगा दी। पुलिस पर पत्थरबाजी की, CRPF की गाड़ी में आग लगा दी।

ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। वांगचुक के समर्थन में लोगों ने रैली निकाली।

वांगचुक के नेतृत्व में छात्रों की 4 मांगें हैं…

  • पहली- लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।
  • दूसरी- संवैधानिक सुरक्षा (6वीं अनुसूची के तहत) दी जाए।
  • तीसरी- कारगिल और लेह को लोकसभा सीट बनाएं।
  • चौथी- सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती हो।
  • इस मांगों को लेकर अगली बैठक दिल्ली में 6 अक्टूबर को होगी। साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था।

हिंसक प्रदर्शन की 5 तस्वीरें…

आर्टिकल 370 हटने के बाद लद्दाख में विरोध शुरू केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना। लेह और कारगिल को मिलाकर लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था।

इसके बाद लेह और कारगिल के लोग खुद को राजनीतिक तौर पर बेदखल महसूस करने लगे। उन्होंने केंद्र के खिलाफ आवाज उठाई। बीते दो साल में लोगों ने कई बार विरोध-प्रदर्शन कर पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा मांगते रहे हैं, जिससे उनकी जमीन, नौकरियां और अलग पहचान बनी रही, जो आर्टिकल 370 के तहत उन्हें मिलता था।

अगस्त 2024 में गृह मंत्री ने लद्दाख में 5 नए जिले बनाने का ऐलान किया था केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अगस्त 2024 को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 5 नए जिले बनाने की घोषणा की थी। नए जिलों का नाम जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग होगा।

नए जिलों की घोषणा से पहले लद्दाख में केवल दो जिले थे, लेह और कारगिल। अब इनकी संख्या बढ़कर 7 हो जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में आने वाले लद्दाख को अलग केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया। लेह-लद्दाख के लोगों ने जश्न मनाया था। तब जश्न में शामिल रहे लोग अब प्रोटेस्ट का हिस्सा हैं। इस प्रोटेस्ट का सबसे बड़ा चेहरा शिक्षाविद् और इनोवेटर सोनम वांगचुक ही हैं।

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