शेयर बाजार में सोमवार को तेज गिरावट से निवेशकों को 5.18 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से बाजार धारणा प्रभावित हुई।
Investors’ wealth erodes by Rs 5.18 lakh crore as markets crash on Iran-Israel conflict worries
इज़राइल और ईरान के बीच में बढ़ रहे तनाव के चलते आज विश्वभर के शेयर बाजार दवाब में दिख रहे हैं. भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिला है. आज (सोमवार को) शुरुआती ट्रेड में ही सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंकों की गिरावट दिखा रहा था तो निफ्टी में 234 अंकों की कमजोरी देखी गई. ऐसे में बीते शुक्रवार या उससे पहले अपनी पॉजिशन लेकर बैठे निवेशकों को सीधे-सीधे 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया.
12 अप्रैल (शुक्रवार) को निवेशकों का 399.67 लाख करोड़ रुपया बाजार में लगा हुआ था. आज सुबह जब बड़ी गिरावट आई तो यह आंकड़ा 391.46 लाख करोड़ ही रह गया. इस तरह एक ही सेशन के अंतर में 8.21 लाख करोड़ रुपये का नुकसान निवेशकों को झेलना पड़ा. हालांकि बाद में लगभग 12 बजे तक बाजार में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 467 अंक तो निफ्टी 132 अंक गिरा हुआ था.
शुरुआत घंटों में निफ्टी 50 के ज्यादा गिरने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, और एसबीआई जैसे दिग्गज शामिल रहे. 12 बजकर 10 मिनट तक सीन कुछ बदला और गिरने वाले टॉप 5 की लिस्ट में श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, और अदाणी इंटरप्राइजेज शामिल थे.
इसी समय तक निफ्टी आईटी और निफ्टी बैंक में एक फीसदी से अधिक की गिरावट थी. बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 70 शेयरों ने आज 52-वीक हाई बनाया तो 20 शेयरों ने बीएसई पर 52-वीक लो बनाया है. 3,330 स्टॉक में से केवल 415 ही हरे दिखे, जबकि 2,812 शेयर लाल निशान पर ट्रेड होते देखे गए. 103 स्टॉक ऐसे थे, जिनमें कोई हलचल नहीं दिखी.
208 कंपनियों के शेयरों में सोमवार के शुरुआती ट्रेड में ही लोअर सर्टिक लगाया. इसके उलट अपर सर्किट लगाने वाले शेयरों की गिनती 100 थी. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 560 अंकों की गिरावट के साथ 40,348 पर रिकॉर्ड किया गया. स्मॉल कैप में 924 अंकों की गिरावट आई और 44,947 के लेवल पर रिकॉर्ड किया गया.




