आज जिन सासंदों को सस्पेंड किया गया उनमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर, सपा सांसद डिंपल यादव और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले का नाम भी शामिल है। संसद से अब तक 141 सांसदों को सस्पेंड किया गया है।
In Unprecedented Move, Parliament winter session, India opposition fury as 141 MPs suspended
संसद की सुरक्षा में हुई चूक पर गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहे विपक्ष का हंगामा जारी है। विपक्ष के खिलाफ आज भी संसद में कार्रवाई देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक करीब 49 सांसदों को सस्पेंड किया गया। इससे पहले सोमवार को संसद के दोनों सदनों के 78 सांसदों को पूरे शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया था। इनमें लोकसभा के 33 और राज्यसभा के 45 सांसद शामिल हैं। राज्यसभा के निलंबित सांसदों में से 11 का मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है।
लोकसभा से आज 41 सांसदों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा आठ राज्यसभा सांसदों को भी सस्पेंड किया गया है। आज सस्पेंड किए गए सासंदों की लिस्ट में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम, शशि थरूर, बीएसपी (निष्कासित) दानिश अली, एनसीपी की सुप्रिया सुले, सपा सांसद एसटी हसन, टीएमसी सांसद माला रॉय, सपा नेता डिंपल यादव और आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू का भी नाम शामिल है।
सोमवार को लोकसभा से 33 सांसदों को किया गया था सस्पेंड
आपको बता दें, लोकसभा में सोमवार को हंगामे और नारेबाजी के साथ प्लेकार्ड दिखाने पर लोकसभा ने सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, टीआर बालू, ए राजा, दयानिधि मारन, कल्याण बनर्जी, सौगत राय और एनके प्रेमचंद्रन सहित 33 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया था। इन 33 में से 30 सांसदों को संसद के वर्तमान सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित किया गया।
वहीं, इनमें से 3 सांसदों, अब्दुल खालिक, विजयकुमार वसंत और के जयकुमार, का मामला संसद की विशेषाधिकार समिति को भेजते हुए इन्हें समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
सोमवार को लोकसभा से विपक्ष के ये सांसद हुए थे सस्पेंड
सोमवार को हंगामे और नारेबाजी के बाद लोकसभा से अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, एन्टो एंटोनी, के. मुरलीधरन, के सुरेश, अमर सिंह, राजमोहन उन्नीथन, सु थिरूनवुक्करास, विजयकुमार वसंत, के जयकुमार, अब्दुल खालिक, टीआर बालू, ए राजा, दयानिधि मारन, गणेशन सेल्वम, सी एन अन्नादुरई, टी. सुमति, एस. एस. प्लानिमणिक्कम, एस. रामलिंगम, वी कलानिधि, कल्याण बनर्जी, सौगत राय, शताब्दी राय, असित कुमार माल, प्रतिमा मंडल, काकोली घोष, सुनील मंडल, प्रसून बनर्जी, अपरूपा पोद्दार, ईटी मोहम्मद बशीर, कनी के नवस, कौशलेंद्र कुमार और एनके प्रेमचंद्रन को निलंबित कर दिया गया।
राज्यसभा से विपक्ष के ये 45 सांसद हुए थे सस्पेंड
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी सोमवार को विपक्षी सांसदों पर भी ऐसी ही कार्रवाई हुई है। सोमवार को राज्यसभा से विपक्ष के 45 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया। राज्यसभा से विपक्ष के जिन सांसदों को सस्पेंड किया गया है, उनमें प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, अमी याग्निक, नारायण भाई राठवा, शक्ति सिंह गोहिल, रजनी पाटिल, सुखेंदु शेखर, नदिमुल हक, एन. षणमुगम, नसीर हुसैन, फुलोदेवी नेताम, इमरान प्रतापगढ़ी, रणदीप सुरजेवाला, मौसम नूर, समिरुल इस्लाम, रंजीत रंजन, कनिमोझी, फैयाज अमजद, मनोज झा, रामनाथ ठाकुर, अनिल हेगड़े, वंदना चव्हाण, रामगोपाल योदव, जावेद अली खान, जोस के मणि, महुआ मांझी और अजीत कुमार शामिल हैं।
11 सांसदों का मामला प्रिविलेज कमेटी में
इनमें से 34 सांसदों को संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है जबकि 11 सांसदों को प्रिविलेज कमेटी की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित किया गया है। समिति तीन महीने के भीतर इस पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। राज्यसभा में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन पहले ही पिछले हफ्ते शीतकालीन सत्र समाप्त होने तक निलंबित किए गए थे। इस तरह राज्यसभा से निलंबित होने वाले कुल सांसदों की संख्या बढ़कर 46 हो गई।
14 विपक्षी सांसद पहले से सस्पेंड
इससे पहले 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक और हंगामे के बाद 14 दिसंबर को इस मामले पर सरकार से जवाब मांग रहे कुल 14 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। इनमें से 13 लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद थे। इनमें मणिकम टैगोर, कनिमोझी, पीआर नटराजन, वीके श्रीकंदन, बेनी बहानन, के सुब्रमण्यम, एस वेंकटेशन और मोहम्मद जावेद को लोकसभा से सस्पेंड किया गया था। वहीं तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन एकमात्र राज्यसभा सांसद थे, जिन्हें सस्पेंड किया गया था।




