उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील में स्थित बजाज शुगर मिल पर किसानों का 220 करोड़ रुपये गन्ने का भुगतान बकाया चल रहा है, जिसके चलते पिछले 90 दिनों से मिल के गेट पर भुगतान को लेकर किसानों का धरना चलता हुआ आ रहा है।
Farmers leader Rakesh Tikait’s warning, if payment is not made in 20 days, will fill sugarcane in the collectorate
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 20 दिनों में किसानों के बकाए गन्ने का भुगतान नहीं हुआ तो किसान मिल को अपना गन्ना ना देकर जिलाधिकारी कार्यालय पर डालने लगेगा और मिल में तालाबंदी कर फैक्ट्री के गेट को वेल्ड कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह धरना कई दिनों तक चलेगा। मिलों को 20 दिन का समय दिया गया है, अगर भुगतान नहीं होता है तो किसान बजाज शुगर फैक्ट्री को गन्ना नहीं देंगे। किसान जिले में ट्रैक्टर मार्च निकालकर नाराजगी जहिर करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसान गन्ने को लेकर मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी कार्यालय पर जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील में स्थित बजाज शुगर मिल पर किसानों का 220 करोड़ रुपये गन्ने का भुगतान बकाया चल रहा है, जिसके चलते पिछले 90 दिनों से मिल के गेट पर भुगतान को लेकर किसानों का धरना चलता हुआ आ रहा है।
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पंचायत स्थल पर मिल और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की थी, जिसमें किसानों ने मिल को भुगतान अदा करने के लिए 20 दिन का समय दिया है।
भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि एक साल से भुगतान रुका हुआ है। भुगतान समय पर नहीं हुआ तो किसान शुगर फैक्ट्री पर तालाबंदी करेंगे। बजाज शुगर मिल पर अब तक 220 करोड़ का गन्ने का भुगतान बकाया है। शुगर मिल के अधिकारियों ने केवल 20 करोड रुपये देने की बात की है। इससे किसानों में रोष है किसानों ने यहां की शुगर फैक्ट्री को गन्ना देने से मना कर दिया है।
टिकैत ने कहा कि सरकार संवेदनहीनता की सीमा पार कर चुकी है। चीनी मिल किसानों को भुगतान नहीं कर रहे। प्रदेश सरकार भी मौन साधे बैठी है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने से क्षेत्र का किसान परेशान है। बच्चों के विवाह, पढ़ाई और दूसरी समस्याओं के निराकरण के लिए उसके पास पैसा नहीं है। बुढ़ाना के चीनी मिल पर 220 करोड़ से अधिक बकाया चल रहा है। कई माह से किसान भी धरना दे रहे हैं ,लेकिन अभी तक मिल प्रशासन के कानों पर जूं नही रेंगी।




