
ताजा मामला भागलपुर का है, जहां जिला मुख्यालय को नवगछिया, सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाला ऐतिहासिक विक्रमशिला पुल का एक बड़ा हिस्सा रविवार रात गंगा नदी में गिर गया.
Another day, another bridge collapsed in Bihar, A ₹838 crore Vikramshila Setu bridge collapsed, India
बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला भागलपुर का है, जहां जिला मुख्यालय को नवगछिया, सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाला ऐतिहासिक विक्रमशिला पुल का एक बड़ा हिस्सा रविवार रात गंगा नदी में गिर गया.
इस हादसे के बाद पुल दो हिस्सों में बंट गया है, जिससे इस रूट पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. गनीमत यह रही कि प्रशासन ने समय रहते खतरे को भांप लिया था, जिससे किसी की जान नहीं गई.
भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुल गिरने की प्रक्रिया रात करीब 11:55 बजे शुरू हुई. सबसे पहले पिलर संख्या 133 के पास संरचनात्मक विफलता देखी गई. इसके बाद देखते ही देखते रात 1:07 बजे पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में समा गया. देखते ही देखते 4.7 किलोमीटर लंबा यह विशाल पुल बीच से दो टुकड़ों में विभाजित हो गया.
रूट डायवर्ट: मुंगेर और खगड़िया होकर जाना होगा
हादसे के तुरंत बाद भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया एसपी राजेश कुमार ने मोर्चा संभाला. प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है. भागलपुर से आने वाले ट्रैफिक को अब मुंगेर की ओर मोड़ा गया है, जबकि दूसरी ओर से आने वाले वाहनों को खगड़िया के रास्ते भेजा जा रहा है.
23 साल पुराना था पुल, मार्च में भी आई थी दरार
2001 में राबड़ी देवी के कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ यह पुल बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापारिक कड़ी था. हैरानी की बात यह है कि इसी साल मार्च में पुल के कुछ हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट आई थी, लेकिन मरम्मत के ठोस कदम नहीं उठाए गए. अब बिहार सड़क निर्माण विभाग (RCD) और पुल निर्माण निगम पर सवाल उठ रहे हैं.
जांच के आदेश, विशेषज्ञों की टीम पहुंचेगी भागलपुर
राज्य मुख्यालय को इस गंभीर हादसे की सूचना दे दी गई है. जल्द ही एक हाई-लेवल टेक्निकल टीम भागलपुर पहुंचेगी, जो पुल के गिरने के कारणों की जांच करेगी और यह तय करेगी कि क्या शेष हिस्सा सुरक्षित है. पिछले दो सालों में बिहार में एक के बाद एक कई पुलों का गिरना अब राज्य के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है.




