
राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 29 क्रू सदस्य, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं। यह जहाज कतर के रास लाफान से गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था।
Distress call reveals moments after Qatari LNG tanker hit in Strait of Hormuz, There were 29 sailors on board.
भारत आ रहे एलएनजी जहाज पर संदिग्ध ड्रोन हमले की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 7 जुलाई 2026 को ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास AL REKAYYAT नामक एलएनजी कैरियर कथित तौर पर ड्रोन हमले का शिकार हुआ।
शुरुआती जानकारी के अनुसार हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और भारी धुआं फैल गया। हालांकि चालक दल ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया।
राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 29 क्रू सदस्य, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं। यह जहाज कतर के रास लाफान से गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास हुआ संदिग्ध हमला
यह घटना ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के निकट हुई, जो दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलएनजी की वैश्विक आपूर्ति होती है। ऐसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में किसी भी तरह के ड्रोन हमले की आशंका अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां घटना की परिस्थितियों और हमले के कारणों की जांच कर रही हैं।
इंजन रूम में लगी आग, लेकिन सभी चालक दल सुरक्षित
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध ड्रोन के टकराने के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे भारी धुआं उठने लगा। चालक दल ने तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू कीं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई। जहाज पर मौजूद सभी 29 नाविक सुरक्षित हैं, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। पर्यावरण को किसी प्रकार के नुकसान की भी फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है।
कतर से गुजरात के दहेज आ रहा था एलएनजी जहाज
एलएनजी कैरियर AL REKAYYAT कतर के प्रमुख गैस निर्यात केंद्र रास लाफान से तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर भारत के गुजरात स्थित दहेज बंदरगाह की ओर जा रहा था। घटना के बावजूद जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी है और उसे दहेज पहुंचने के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत के लिए एलएनजी की आपूर्ति ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए इस जहाज से जुड़ी घटना पर भारतीय एजेंसियां भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जांच जारी, हमले की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
घटना की सूचना संबंधित RPSL द्वारा DGCOMM को दी गई है। शुरुआती रिपोर्ट में जहाज को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक किसी देश या संगठन पर हमले की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नुकसान वास्तव में ड्रोन हमले के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं।




