उप्र में Gen Z के साथ Gen Alpha भी सड़क पर, अनोखा प्रदर्शन, कहीं हॉस्टल लॉकडाउन, तो कहीं चक्काजाम

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With Gen Z, now Gen Alpha also takes to the streets in UP

With Gen Z, now Gen Alpha also takes to the streets in UP
With Gen Z, now Gen Alpha also takes to the streets in UP

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में करीब एक महीने से छात्र स्कूल से जुड़ी अपनी शिकायतों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

With Gen Z, now Gen Alpha also takes to the streets in UP

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के बाद से ही देश के अलग-अलग इलाकों से स्कूल और कॉलेज से जुड़ी समस्या को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में तो करीब एक महीने से स्कूल से जुड़ी अपनी शिकायतों को लेकर छात्रों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने की खबरें आती रहीं। राजधानी लखनऊ से लेकर उन्नाव, कन्नौज और हमीरपुर से भी ऐसे मामले सामने आए हैं। लखनऊ में तो छात्रों ने सड़क ही जाम कर दिया। वहीं, उन्नाव में भी इसी तरह से विरोध-दर्शन कर अपनी मांगे सरकार के सामने रखीं। हमीरपुर में प्रशासन को निंद से जगाने के लिए छात्रों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और कन्नौज में खुद को हॉस्टल के अंदर बंद कर लिया।

छात्रों की मांगों पर गौर करें तो उन्होंने शिक्षकों की कमी, बेहतर खाना, पीने का पानी, ठीक से चलने वाले पंखे, साफ-सुथरे परिसर और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को लेकर सड़क पर उतरे।

उन्नाव में समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों ने जाम किया रास्ता

सबसे ताजा मामला उन्नाव जिले का है, यहां हसनगंज क्षेत्र के न्योतनी नगर पंचायत में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने बुधवार को खराब भोजन, पेयजल की समस्या, शिक्षकों की कमी और प्रिंसिपल के व्यवहार से नाराज होकर मोहान चौराहे को जाम कर दिया। ये छात्र सुबह करीब सात बजे हाथों में तख्तियां लेकर चौराहे पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। छात्रों के प्रदर्शन के कारण चौराहे पर यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं है और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका कहना था कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्रों ने प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। उनके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं। हालांकि, छात्रों अपनी मांगों के समाधान तक धरना जारी रखने पर अड़े रहे तथा समाज कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभाग के मंत्रियों को मौके पर बुलाने की मांग की।

अधिकारियों ने छात्रों को उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर दिया।

लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन

लखनऊ के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने 14 अगस्त को सुबह करीब नौ बजे स्कूल से बाहर निकले और उन्होंने पारा इलाके में बुद्धेश्वर-मोहान रोड पर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। सूचना मिलने पर पारा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, छात्रों से बात की और पता चला कि वे स्कूल में कुछ अनियमितताओं को लेकर भी परेशान थे।

पुलिस ने छात्रों को विरोध खत्म करने और स्कूल परिसर में लौटने के लिए मनाया, जिसके बाद सड़क खाली कराई गई और यातायात बहाल हुआ। इसके बाद छात्रों को स्कूल के मीटिंग हॉल में बैठाया गया, जहां शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने उनसे बातचीत की।

पुलिस ने बताया कि मौके पर काकोरी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और स्थिति शांतिपूर्ण रही।

कन्नौज में छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध

उधर, कन्नौज स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने भोजन की खराब गुणवत्ता के विरोध में 13 अगस्त को खुद को अपने छात्रावास के कमरों में बंद कर लिया। घटिया भोजन परोसे जाने से नाराज ये छात्र कक्षा 10, 11, 12 के बताये गए।

छात्रों का कहा कि जब भी प्रिंसिपल और जिम्मेदार लोगों से इसकी शिकायत की गई तो उनकी बात को गंभीरता से ना लेकर नजरअंदाज कर दिया गया। इसी बात से दुखी छात्रों ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया और कहा कि बर्दाश्त की सीमा खत्म हो गई है और अब वे आर-पार की लडाई लड़ेंगें।

बाद में कन्नौज के जिला मजिस्ट्रेट के आश्वासन बाद विद्यार्थियों ने कैंटीन में भोजन लिया। जिला मजिस्ट्रेट ने कैंटीन में परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता देखने के लिए औचक निरीक्षण का वादा भी किया

हमीरपुर में बेहतर सड़क के लिए मार्च

विरोध प्रदर्शन केवल स्कूल परिसरों के अंदर सुविधाओं के बारे में शिकायतों तक ही सीमित नहीं थे। 11 अगस्त को हमीरपुर के लगभग 35-40 स्कूली छात्र अपने माता-पिता और अभिभावकों के साथ राष्ट्रीय ध्वज लेकर कलेक्ट्रेट तक 5 किलोमीटर पैदल मार्च किया। उनकी मांग थी कि उनके स्कूल जाने वाली सड़क की मरम्मत की जाए।

लगभग 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क का 300 मीटर का हिस्सा मानसून के दौरान लगभग पूरी तरह से गाड़ी चलाने लायक नहीं रह गया था। सड़क के बड़े हिस्से पर भी काम रुका हुआ था। इसमें वन विभाग की मंजूरी को एक मुख्य बाधा बताया गया था। इस विरोध प्रदर्शन ने जिले से बाहर भी सभी का ध्यान खींचा।

फतेहपुर में बेहतर क्लासरूम की मांग

28 जुलाई को फतेहपुर के किशनपुर कस्बे में सर्वोदय इंटर कॉलेज के 6 से 12 क्लास तक के लगभग 1000 छात्र स्कूल के बाहर जमा हुए। उनके हाथों में प्लेकार्ड, बैनर और भीमराव आंबेडकर की तस्वीर थी। उन्होंने पीने का साफ पानी, जर्जर क्लासरूम और टपकती छतों की मरम्मत, ठीक से चलने वाले पंखे और बुनियादी फर्नीचर की मांग की थी।

फतेहपुर जिले के स्कूल निरीक्षक राकेश कुमार के छात्रों से मुलाकात करने और उन्हें उनकी शिकायतों का समाधान करने का भरोसा देने के बाद में विरोध-प्रदर्शन खत्म हो गया। दखल के बाद कार्रवाई की गई। क्लासरूम में पंखे लगाए गए, आरओ-फिल्टर की व्यवस्था की गई और छात्रों की ओर से की गई बाकी सुविधाओं की मांगें भी मान ली गई।

प्रधानाध्यापक लाल बहादुर सिंह ने कहा कि छात्रों ने खुद विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया था। सिंह ने कहा कि उनकी सभी मांगें जरूरत के हिसाब से पूरी कर दी गई हैं।

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