कावड़ियों का आतंक जारी, उत्तर प्रदेश में पुलिस की जीप से खींचकर कांवड़ियों ने पुलिसियों को पीटा! वायरल वीडियो पर पुलिस की सफाई

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‘Kanwariyas neither beat up police nor tore uniforms’: Meerut Police debunk viral claims spread by Leftist

‘Kanwariyas neither beat up police nor tore uniforms’: Meerut Police debunk viral claims spread by Leftist
‘Kanwariyas neither beat up police nor tore uniforms’: Meerut Police debunk viral claims spread by Leftist

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सफाई दी है कि यह दो कांवड़ियों का विवाद था, पुलिसकर्मियों की पिटाई नहीं हुई।

‘Kanwariyas neither beat up police nor tore uniforms’: Meerut Police debunk viral claims spread by Leftist

उत्तर प्रदेश के मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि भीड़ ने सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों को पुलिस की जीप से बाहर निकालकर पीटा। हालांकि मेरठ पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मामला दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का है, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की बात सही नहीं है।

वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?

बताया जा रहा है कि यह घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) पर हुई। वायरल वीडियो में पुलिस की एक जीप के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिखाई देते हैं। इसी दौरान भीड़ जीप के अंदर बैठे दो लोगों को बाहर खींच लेती है और उनके साथ मारपीट शुरू कर देती है। मौके पर मौजूद एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी भीड़ को रोकने की कोशिश करता नजर आता है। मारपीट के दौरान दोनों युवकों के कपड़े फटे हुए दिखाई देते हैं।

वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि मारपीट से बचने के लिए एक युवक खेतों की ओर भागता है, लेकिन उसके पीछे भी कुछ लोग दौड़ पड़ते हैं और खेत में भी उसकी डंडों से पिटाई करते दिखाई देते हैं। इस दौरान पिटते लोग फोन पर किसी को बुलाते हुए कहते सुनाई देते हैं, “साहब जल्दी आ जाओ, हम मर जाएंगे।” वहीं भीड़ की ओर से आवाज आती है, “बुला ले, तू तो मरेगा ही।”

सोशल मीडिया पर दावे और पुलिस की सफाई

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आए। कुछ पोस्ट में कहा गया कि जिन लोगों की पिटाई हुई, वे सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी थे। कुछ वीडियो में वाहन में आग लगाने जैसी बातें भी सुनाई दे रही हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मेरठ पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और लोगों को भ्रामक सूचनाओं से बचना चाहिए।

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि यह घटना 2 और 3 अगस्त की रात की है। उनके अनुसार, एक कांवड़िया मोटरसाइकिल से गंगाजल लेने जा रहा था, जबकि दूसरा कांवड़िया हरिद्वार से जल लेकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान दोनों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। सूचना मिलने पर दौराला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित कर लिया।

पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर भेजा

एसपी सिटी के मुताबिक, पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर आई, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद दोनों पक्षों को समझाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई, इसलिए इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

मेरठ पुलिस ने दोबारा स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को लेकर फैलाए जा रहे इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या संदेशों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें और किसी भी भ्रामक सूचना को आगे साझा करने से बचें।

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