पुणे में बारिश के बीच छात्रों और नागरिकों का विशाल मार्च, मुंबई में भी प्रदर्शन, भारी दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

sagar parvez

The youth of Pune have united like never before, India’s education minister Pradhan resigns amid protests

The youth of Pune have united like never before, India's education minister Pradhan resigns amid protests
The youth of Pune have united like never before, India’s education minister Pradhan resigns amid protests

उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिस तरह छात्रों पर हमला किया गया, उन पर आंसू गैस छोड़ी गई, मैं सरकार को चेतावनी देना चाहता हूं। आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे पास तिरंगे हैं। अब देखेंगे कि जीत किसकी होती है, तिरंगे वालों की या लाठी वालों की।

The youth of Pune have united like never before, India’s education minister Pradhan resigns amid protests

महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार को तेज बारिश के बावजूद छात्रों सहित हजारों लोगों ने विशाल मार्च निकाला और नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। वहीं मुंबई के दादर में शिवसेना (यूबीटी) की अगुवाई में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। समाचारपत्र सदस्यता

पुणे में चार किलोमीटर लंबा मार्च

कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को पुणे में 18वीं सदी के प्रसिद्ध किले शनिवारवाड़ा से शहर के मध्य स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय तक चार किलोमीटर लंबे इस मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में विद्यार्थियों, कामकाजी पेशेवरों, वकीलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में पुलिस द्वारा विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की और प्रधान का इस्तीफा मांगा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

एक प्रदर्शनकारी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि बार-बार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “इतने सारे पेपर लीक होने के बाद सरकार की ओर से किसी न किसी स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।”

मार्च में शामिल अश्विनी के. ने आरोप लगाया कि पेपर लीक रोकने में सरकार की विफलता ने विद्यार्थियों को निराशा की स्थिति में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों की आत्महत्याओं के लिए यह सरकार जिम्मेदार है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और यहां मौजूद विद्यार्थियों की भी यही मूल मांग है।”

एक प्रतिभागी ने प्रश्नपत्र लीक मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “मुख्य मुद्दा जवाबदेही का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भरोसा दिलाया था कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों को त्वरित अदालतों के माध्यम से जल्द निपटाया जाएगा। हमारे पास कई वर्षों से त्वरित अदालतें हैं। उन मामलों का क्या हुआ?” एक्ज़िक्यूटिवब्रांच

मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘तिरंगा मोर्चा’

मुंबई के दादर इलाके में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने शिवाजी पार्क में ‘तिरंगा मोर्चा’ निकाला। इस दौरान पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके से बात कर उनसे कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक वह महाराष्ट्र वापस न लौटें। उद्धव ठाकरे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के हाथ में लाठियां हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हाथ में तिरंगा है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि सत्ता पर काबिज लोगों को देखना चाहिए कि प्रदर्शन में कितनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “यह ‘जन की बात’ है और दिल्ली को इसे सुनना होगा। जिस तरह छात्रों पर हमला किया गया, उन पर आंसू गैस छोड़ी गई, मैं सरकार को चेतावनी देना चाहता हूं। आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे पास तिरंगे हैं। अब देखेंगे कि जीत किसकी होती है, तिरंगे वालों की या लाठी वालों की।”

जब भी प्रधानमंत्री डरते हैं, हिंदू-मुस्लिम करने लगते हैं

आदित्य ठाकरे ने कहा कि हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।” आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि उन्होंने अभिजीत दीपके से कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक वह महाराष्ट्र वापस न लौटें।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि कुछ दिन पहले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद वे बिना डर के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए शिवसेना (यूबीटी) के विधायक ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री डरते हैं, तब हिंदू-मुस्लिम और धर्म की बात करने लगते हैं।

पेपर लीक से आजादी’ के नारे लगे

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में सीजेपी के नेतृत्व में जारी आंदोलन के बीच यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और कई लोगों को हिरासत में लिया।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाही और पेपर लीक से आजादी’ के नारे लगाए। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ बज रहा था। कुछ प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने कहा कि ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है। अभिनेता आर्य बब्बर भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

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