
2 जुलाई को कथित आरोपी पैसों में हेराफेरी करते हुए दिखाई दे रहा है। 14 दिन पूर्व के कुछ फुटेज के कई भाग भी जांच टीम को महत्वपूर्ण लगे हैं।
Uttarakhand | Badrinath donation theft case: Temple employee Pramod Nautiyal arrested, India
उत्तराखंड: दो जुलाई को श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में नगद चढ़ावा गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में गठित विभागीय जांच टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है। जांच में आरोपी ने एक नहीं बल्कि कई बार चढ़ावे की चोरी की है। सूत्रों की मानें तो चार सदस्यीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट में विस्तार से पूरी घटना और अपनी जांच का ब्योरा दिया है।
एसआईटी की जांच रिपोर्ट में ऐसी घटना न हो इसके लिए सुझाव भी दिए हैं। जांच रिपोर्ट में कमेटी ने बहुत कुछ साफ किया है। साथ ही मंदिर के दान गिनती कक्ष में और सीसीटीवी बढ़ाने, मंदिर के परिक्रमा पथ के सभी ब्लाइंड स्पॉट को सीसीटीवी से लैस करने की बात कही।
सूत्रों की मानें तो जांच टीम को घटना के दिन, 2 जुलाई, से मात्र 14 दिन पहले तक के ही फुटेज मिल पाए हैं। पूर्व में लगे सीसीटीवी कैमरे से अधिक अच्छी क्वालिटी के न होने के कारण इनकी स्टोरेज क्षमता मात्र 15 दिनों की ही है। 2 जुलाई को कथित आरोपी पैसों में हेराफेरी करते हुए दिखाई दे रहा है। 14 दिन पूर्व के कुछ फुटेज के कई भाग भी जांच टीम को महत्वपूर्ण लगे हैं।
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई को अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई की थी। अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
बीकेटीसी ने जो आदेश जारी किया था उसके अनुसार, प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। समिति ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार-सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। जांच के दौरान प्राप्त स्पष्टीकरण और समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट का परीक्षण किया गया, जिसमें लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।



