उत्तराखंड में आफत की बारिश 7 जिलों में ‘रेड अलर्ट’, स्कूल बंद और सैकड़ों सड़कें ठप

sagar parvez

Uttarakhand rains | Seven districts on ‘Red alert’; traffic at 115 routes disrupted, India

Uttarakhand rains | Seven districts on 'Red alert'; traffic at 115 routes disrupted, India
Uttarakhand rains | Seven districts on ‘Red alert’; traffic at 115 routes disrupted, India

मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बारिश के कारण देहरादून समेत चार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे।

Uttarakhand rains | Seven districts on ‘Red alert’; traffic at 115 routes disrupted, India

उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से अधिक मार्ग अवरूद्ध हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बारिश के कारण देहरादून समेत चार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे।

उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमांउ दोनों क्षेत्रों में कई स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान काशीपुर में 206 मिलीमीटर, जसपुर में 190 मिलीमीटर, लक्सर में 180 मिलीमीटर, कोटद्वार में 160 मिलीमीटर, हरिद्वार में 132.9 मिलीमीटर, रुड़की में 126.2 मिलीमीटर, बेतालघाट में 118.5 मिलीमीटर, टिहरी में 115.2 मिलीमीटर, रोशनाबाद में 115 मिलीमीटर, नैनीताल में 107.5 मिलीमीटर और नरेंद्रनगर में 105 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

आंकड़ों के मुताबिक धनोल्टी में 100 मिलीमीटर, देवप्रयाग में 98.6 मिलीमीटर, पौड़ी में 93 मिलीमीटर, रानीखेत में 92.3 मिलीमीटर, टिहरी में 79.4 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 76.4 मिलीमीटर, देहरादून में 70.8 मिलीमीटर, मसूरी में 70.1 मिलीमीटर, ऋषिकेश में 64.4 मिलीमीटर, अल्मोड़ा में 63 मिलीमीटर रुद्रप्रयाग में 50.4 मिलीमीटर बारिश हुई। अन्य जगहों पर भी मध्यम बारिश दर्ज की गयी।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन होने और बड़ी चट्टानें गिरने के कारण प्रदेश में नौ राज्यमार्गों और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक सड़क समेत 107 मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एसईओसी से मिली जानकारी के अनुसार, टिहरी जिले के कद्दूखाल में बुधवार शाम एक पर्वतीय क्षेत्र में हुए भूस्खलन की चपेट में आकर एक पुरानी खाली मकान क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, प्रशासन ने घटना से पहले ही संभावित खतरे की जद में आ रहे दो रेस्टोरेंट और कुछ झुग्गियों को एहतियातन खाली करा लिया था।

केंद्रीय जल आयोग के हवाले से एसईओसी द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, श्रीनगर में अलकनंदा नदी, कर्णप्रयाग में पिंडर नदी, देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा नदी, धारचूला में काली नदी, पिथौरागढ़ में सरयू और जौलजीबी में गौरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं लेकिन उनकी सतत निगरानी की जा रही है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत समेत सात जिलों में कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं अति तीव्र से अत्यधिक तीव्र वर्षा की संभावना व्यक्त की गयी है। प्रदेश के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने, कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को भी उधमसिंह नगर, नैनीताल एवं चंपावत जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

बारिश की चेतावनी को देखते हुए एसईओसी ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रहने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेषकर पर्वतीय एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करने की अपील की है। सुमन ने लोगों से नदी-नालों और बरसाती नालों के पास नहीं जाने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकने को कहा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

भारी बारिश की चेतावनी के कारण देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे।

Follow Us on… Dailyhunt kootwitter fb GOOGLE NEWS+

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

error: Content is protected !!