मध्य प्रदेश: राम मंदिर के बाद केदारनाथ, बदरीनाथ, अब बगलामुखी मंदिर में दान की चोरी, नकद, सोना-चांदी निजी खातों में हुए जमा, जांच के आदेश

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Ram Mandir, Badrinath, Now Baglamukhi: Donation Theft Row Rocks MP’s Siddhpeeth, Probe Ordered

Ram Mandir, Badrinath, Now Baglamukhi: Donation Theft Row Rocks MP's Siddhpeeth, Probe Ordered
Ram Mandir, Badrinath, Now Baglamukhi: Donation Theft Row Rocks MP’s Siddhpeeth, Probe Ordered

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भक्तों की ओर से दान किए गए नकद, सोना, चांदी, गहने और अन्य कीमती सामान एक समानांतर व्यवस्था के जरिए इकट्ठा किए जा रहे थे और निजी बैंक खातों में जमा किए जा रहे थे।

Ram Mandir, Badrinath, Now Baglamukhi: Donation Theft Row Rocks MP’s Siddhpeeth, Probe Ordered

अयोध्या राम मंदिर दान और चंदा चोरी के मामलों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से ऐसा ही एक और बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आ गया है। यहां के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में भी दान में हेरफेर का मामला सामने आया है। जिसे बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मां बगलामुखी मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और श्रद्धालुओं से चंदे की अनाधिकृत वसूली की जांच के आदेश दिए हैं।

आगर-मालवा कलेक्टर ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर तीन सदस्यों वाली जांच समिति बनाई। शिकायतें मिलीं थीं कि एक गैर-सरकारी समिति, आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त मंदिर प्रबंधन समिति से अलग चंदा इकट्ठा कर रही थी। जिसके बाद जांच समिति गठित की गई है।

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भक्तों की ओर से दान किए गए नकद, सोना, चांदी, गहने और अन्य कीमती सामान एक समानांतर व्यवस्था के जरिए इकट्ठा किए जा रहे थे और निजी बैंक खातों में जमा किए जा रहे थे।

कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए, समिति गठित

कलेक्टर ने आदेश में कहा, “गैर-सरकारी समिति के जरिए चंदा इकट्ठा करने, निजी बैंक खातों के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसलिए, निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।”

समिति की अध्यक्षता आगर-मालवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी.एस. चौबे करेंगे। जिला कोषागार अधिकारी मनीष चौबे और नलखेड़ा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल इसके अन्य सदस्य हैं।

समिति को मंदिर परिसर का निरीक्षण करने, रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच करने, नकद और कीमती सामान के रूप में मिले दान का सत्यापन करने और यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि क्या चंदा इकट्ठा करने के लिए कोई समानांतर व्यवस्था चल रही थी।

समिति से कथित अनियमितताओं में सरकारी अधिकारियों, मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच करने के लिए भी कहा गया है। पैनल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को दी ये सलाह

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और महाकाल मंदिर से जुड़ी जमीन पर कथित कब्जे के विवादों के बाद, अब मां बगलामुखी मंदिर में भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं।

उन्होंने पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि बीजेपी सरकार को भक्तों के दान का उचित हिसाब-किताब सुनिश्चित करना चाहिए और दोषियों खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

बता दें कि आगर-मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर, हिंदू परंपरा की दस महाविद्याओं में से एक देवी बगलामुखी को समर्पित देश के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है।

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