भारत में टेलीग्राम बैन के लिए रिलायंस और व्हाट्सऐप जिम्मेदार, कर रहे हाइजैकिंग’, NEET-UG री-एग्जाम तक रोक पर ऐप के सीईओ का बड़ा दावा

sagar parvez

‘Reliance, WhatsApp Behind Efforts To Ban Telegram In India’: CEO Pavel Durov

'Reliance, WhatsApp Behind Efforts To Ban Telegram In India': CEO Pavel Durov
‘Reliance, WhatsApp Behind Efforts To Ban Telegram In India’: CEO Pavel Durov

मेटा की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल इकाई जियो में मामूली हिस्सेदारी है। वहीं समुद्र के भीतर केबल का संचालन एक अन्य समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस करती है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा नहीं है।

‘Reliance, WhatsApp Behind Efforts To Ban Telegram In India’: CEO Pavel Durov

संदेश ऐप टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत में ऐप पर प्रतिबंध के लिए शायद पैरवी की है।

मेटा प्लेटफॉर्म्स की रिलायंस में आंशिक हिस्सेदारी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिलायंस ने भारत के बाहर (जिसमें संयुक्त अरब अमीरात शामिल है) लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए टेलीग्राम की पहुंच में बाधा डाली है।

दूरसंचार क्षेत्र के एक वरिष्ठ सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर इन आरोपों को ‘‘फर्जी खबर’’ करार दिया और कहा कि ड्यूरोव ने रिलायंस कम्युनिकेशंस तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बीच भ्रम पैदा कर दिया है।

पावेल ड्यूरोव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारतीय दूरसंचार कंपनी रिलायंस ‘बीजीपी हाईजैकिंग’ नामक एक संदिग्ध तरीके से भारत के बाहर (संयुक्त अरब अमीरात सहित) लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए टेलीग्राम की पहुंच में बाधा डाल रही है। यह जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है, क्योंकि रिलायंस ने कई शिकायतों को नजरअंदाज किया है। यह प्रतिस्पर्धी युद्ध का हिस्सा हो सकता है, क्योंकि रिलायंस में मेटा की आंशिक हिस्सेदारी है जो व्हाट्सऐप की मूल कंपनी है।’’

मेटा की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल इकाई जियो में मामूली हिस्सेदारी है। वहीं समुद्र के भीतर केबल का संचालन एक अन्य समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस करती है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा नहीं है।

ड्यूरोव ने कहा कि नेटवर्क संचालकों को रिलायंस (एएस18101) से आने वाली अनधिकृत बीजीपी घोषणाओं को अस्वीकार करने की सलाह दी जाती है, ताकि ‘रूट हाईजैकिंग’ को रोका जा सके तथा उपयोगकर्ताओं के लिए स्थिर इंटरनेट पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘ वैश्विक इंटरनेट मार्ग का इस तरह दुरुपयोग चिंताजनक है। मुझे आश्चर्य नहीं होगा यदि रिलायंस/व्हाट्सऐप भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के हालिया प्रयासों के पीछे भी हों।’’

सरकार ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का पेपर लीक होने से रोकने के उद्देश्य से गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। अखबार

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित यह परीक्षा देशभर के स्नातक चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए होती है। एजेंसी ने तीन मई को आयोजित पिछली परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था।

इसके अलावा, अलग निर्देश में टेलीग्राम से 30 जून तक भारत में पहले से भेजे गए संदेशों के संपादन की सुविधा बंद करने को कहा गया है ताकि ‘पेपर लीक’ से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के दुरुपयोग को रोका जा सके।

उद्योग सूत्र ने कहा कि ड्यूरोव के बयान से स्पष्ट है कि जिस कंपनी की बात हो रही है वह आरकॉम है।

सूत्र ने कहा, ‘‘ मेटा से जुड़े जो आरोप वह लगा रहे हैं, वे पूरी तरह अलग कंपनी (जियो) से संबंधित हैं। ये अलग-अलग इकाइयां हैं। मेटा, जियो में केवल अल्पांश निवेशक है और उसके दैनिक संचालन या प्रबंधन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। दोनों को मिलाकर देखना या तो क्षेत्र की समझ की कमी को दर्शाता है या जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास है।’’

इस संबंध में टेलीग्राम, आरकॉम, जियो, मेटा और व्हाट्सऐप को भेजे गए ईमेल का कोई तत्काल जवाब नहीं मिला।

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