उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, दो बार संभाली थी राज्य की कमान

sagar parvez

Dehradun | Former Uttarakhand Chief Minister Bhuvan Chandra Khanduri has passed away, had been unwell for a long time, India

Dehradun | Former Uttarakhand Chief Minister Bhuvan Chandra Khanduri has passed away, had been unwell for a long time, India
Dehradun | Former Uttarakhand Chief Minister Bhuvan Chandra Khanduri has passed away, had been unwell for a long time, India

उन्होंने देहरादून के मैक्स अस्पताल में 11:15 बजे अंतिम सांस ली। वह 2007-2009 और 2011-2012 तक दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। वह गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रहे।

Dehradun | Former Uttarakhand Chief Minister Bhuvan Chandra Khanduri has passed away, had been unwell for a long time, India

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे.उन्होंने दो बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया था. उनके निधन पर मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी शोक जताते हुए उनके योगदान को याद किया. बता दें कि खंडूरी लंबे समय से बीमार थे और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था.

सेना से राजनीति में आए थे बीसी खंडूरी

भुवन चंद्र खंडूड़ी सेना से राजनीति में आए और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार यानी 2007- 2009 और 2011- 2012 प्रदेश की कमान संभाली. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद कड़े कदम उठाए और राज्य में एक पारदर्शी और अनुशासित प्रशासन की नींव रखी.मेजर जनरल (रिटायर्ड)भुवन चंद्र खंडूड़ी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रहे थे. उन्होंने सेना से रिटायर होने के बाद राजनीति में कदम रखा था. उनकी बेटी ऋतु भूषण खंडूरी वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष है.

मुख्यमंत्री धामी ने भी जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. श्री खंडूरी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया. सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा.

मुख्यमंत्री धामी ने आगे लिखा कि राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई. एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बना लिया था. उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

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