प्रधान मंत्री मोदी को G7 सम्मेलन में न्‍योता नहीं, भारत-कनाडा संबंधों में सब खत्‍म हो गया!

MediaIndiaLive
Congress slams government over India not being invited to G7 meeting
Congress slams government over India not being invited to G7 meeting

भारत और कनाडा में तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना कम है। कनाडा ने अभी तक पीएम मोदी को निमंत्रण नहीं भेजा है। कार्नी सरकार ने द्विपक्षीय संबंधों में भी कोई खास कोशिश नहीं की है।

Congress slams government over India not being invited to G7 meeting

कनाडा ने अब तक भारत को वर्ष 2025 के G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया है. बहुत कम उम्मीद है कि वो अब भारत को इसके लिए बुलाने जा रहा है. कनाडा का ये रुख दोनों देशों के बीच चल रहे राजनयिक तनावों का परिणाम है. इसका असर आने वाले समय में और ज्यादा हो सकता है. माना जा रहा है कि भारत और कनाडा के संबंध इतने खराब कभी नहीं रहे, जिससे दोनों देश पिछले कुछ समय से गुजर रहे हैं.

सवाल – क्या भारत को 2025 के G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है?

– नहीं, कनाडा ने 15 से17 जून तक अल्बर्टा में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के लिए भारत को अब तक औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया है. भारत भी अब शायद आखिरी समय में भेजे गए आमंत्रण को स्वीकार नहीं करेगा. ये पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले छह वर्षों में इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे.

सवाल – भारत को आमंत्रित नहीं करने के पीछे क्या कारण हैं?

– मुख्य कारण भारत और कनाडा के बीच बढ़ता राजनयिक तनाव है, विशेषकर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर. कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी समूहों ने कनाडाई सरकार पर भारत को आमंत्रित न करने का दबाव डाला है. इसके अलावा, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों के लिप्त होने का आरोप लगाया था. जिसे भारत ने “बेतुका और प्रेरित” कहकर खारिज किया.

सवाल – पिछले दिनों में भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में क्या घटनाक्रम हुए हैं?

– 2023 में ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया. भारत ने कनाडा से अपने राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा, जिसके परिणामस्वरूप कनाडा ने 41 राजनयिकों को वापस बुलाया. इसके अलावा, दोनों देशों ने व्यापार वार्ताएं स्थगित कर दीं. नागरिकों को यात्रा पर सलाह जारी की गई.

सवाल – क्या दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने के प्रयास हुए हैं?

– हां, मार्च 2025 में दोनों देशों ने राजनयिक और सुरक्षा चैनलों के माध्यम से बातचीत फिर से शुरू की. भारत ने कनाडा में नए उच्चायुक्त की नियुक्ति पर विचार किया है, और कनाडा ने भी भारत में अपने उच्चायुक्त के लिए नाम प्रस्तावित किया है.

सवाल – G7 में भारत की गैर मौजूदगी का असर हो सकता है?

– भारत की गैरमौजूदगी से वैश्विक मंचों पर उसकी भागीदारी और प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है. G7 जैसे मंचों पर भारत की उपस्थिति से उसे वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलता है. हालांकि, भारत अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से अपनी भूमिका निभाता रहेगा.हालांकि भारत की अनुपस्थिति से कनाडा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग भी पड़ सकता है, क्योंकि दूसरे सदस्य देश भारत को अनदेखा नहीं कर सकते।

सवाल -क्या भविष्य में भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की संभावना है?

– हाल के संवादों और उच्चायुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया से संकेत मिलता है कि दोनों देश संबंधों में सुधार की दिशा में प्रयासरत हैं. हालांकि, खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और निज्जर की हत्या जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए लगातार संवाद होते रहना चाहिए.

सवाल – भारत को नहीं बुलाने से तो दोनों देशों के संबंध क्या और खराब होंगे?

– अभी जो घटनाक्रम चल रहे हैं, उनसे यही संकेत मिल रहा है कि कनाडा का रुख भारत के साथ ‘सावधानीपूर्वक दूरी’ बनाए रखने का है. कनाडा ने मार्च 2025 में जरूर बातचीत के संकेत दिए थे — लेकिन G7 जैसे बड़े मंच पर भारत को न बुलाना, और खालिस्तानी संगठनों के दबाव में झुक जाना, ये दिखाता है कि कॉर्नी सरकार घरेलू राजनीति और वोट बैंक को विदेश नीति से ऊपर रख रही है.

सवाल – कनाडा की मजबूरी क्या है?

– कनाडा में सिख समुदाय, खासकर पंजाब से आए अप्रवासी, करीब 8 लाख से ज़्यादा हैं. इनमें से एक हिस्सा खालिस्तान समर्थक विचारधारा भी रखता है. ये वर्ग कनाडा की राजनीति, खासतौर पर ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो प्रांतों में प्रभावी है.

सवाल – G7 में नहीं बुलाने पर भारत का रुख कैसा रहेगा?

– भारत फिलहाल संयम बरत रहा है. मार्च में हुई बातचीत में भारत ने स्पष्ट कहा था कि खालिस्तानी गतिविधियों पर रोक के बिना संबंध सामान्य नहीं होंगे. भारत ने G7 न बुलाए जाने पर अब तक कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन इसके असर द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग कार्यक्रमों पर पड़ सकते हैं.

सवाल – G7 क्या है और इसके पूर्णकालिक सदस्य और आमंत्रित सदस्य कौन रहते हैं?

– G7 एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसमें दुनिया की सात सबसे विकसित और संपन्न लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं. इस मंच पर सदस्य देश वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक, सुरक्षा, जलवायु और तकनीकी मुद्दों पर विचार-विमर्श और तालमेल करते हैं. कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका इसके पूर्ण सदस्य हैं. यूरोपीय संघ (EU) भी G7 बैठकों में एक स्थायी पर्यवेक्षक (observer) के रूप में शामिल रहता है.

सवाल – इसकी शुरुआत कब और क्यों हुई थी?

– 1975 में फ्रांस के राष्ट्रपति वालेरी जिस्कार देस्तें की पहल पर पहली बार 6 देशों (G6) की बैठक हुई थी, इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान थे. 1976 में कनाडा शामिल हुआ और ये G7 बना. 1997 में रूस भी शामिल हुआ था और G8 बना. 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस को निलंबित कर दिया गया. फिर से G7 रह गया.

सवाल – भारत का इससे क्या रिश्ता है?

– भारत G7 का सदस्य नहीं है. 2019 से भारत को गेस्ट कंट्री (आमंत्रित देश) के रूप में कई सम्मेलनों में बुलाया जाता रहा है.

सवाल – क्या अब G7 संगठन की प्रासंगिकता रह गई है?

– आलोचक कहते हैं कि दुनिया में अब चीन, भारत, ब्राजील, साउथ अफ्रीका जैसी बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बिना सिर्फ 7 देशों का समूह वैश्विक प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता. इसलिए अब कई बार इसे G20 या बड़े बहुपक्षीय मंचों के मुकाबले कमजोर माना जाता है. हालांकि आर्थिक तौर पर ये 7 देश आज भी दुनिया की 40% GDP कंट्रोल करते हैं. अंतरराष्ट्रीय नीतियों में इनका दबदबा बना हुआ है.

Follow Us on… Dailyhunt kootwitter fb GOOGLE NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सिक्किम में भीषण भूस्खलन, कई इलाकों से संपर्क टूटा, राहत व् बचाव कार्य जारी

सिक्किम में आए भीषण भूस्खलन के बाद यहां भी भारतीय सेना खराब मौसम और खतरनाक भौगोलिक परिस्थितियों के बीच लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है। North Sikkim landslide: Army reaches cut-off Lachen on foot, 113 tourists located; 30 airlifte सिक्किम समेत अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों में आए […]
North Sikkim landslide: Army reaches cut-off Lachen on foot, 113 tourists located; 30 airlifte

You May Like

error: Content is protected !!