कुछ माह पहले भी अफगानिस्तान में खाद्यान्नों की बड़ी किल्लत को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के लोगों के लिए अनाज भेजा था। ऐसी गंभीर स्थिति में भी पहले पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया था, बाद में दबाव बढ़ने पर मानवीय आधार पर इसकी इजाजत दी थी।
Pakistan again crossed the limits of cheapness, did not give airspace to the Indian plane carrying relief to Turkey
विनाशकारी भूकंप की त्रासदी से जूझ रहे तुर्की को राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे भारतीय विमान को पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के इस रवैये के कारण भारतीय विमान को लंबा चक्कर लगाते हुए दूसरे रूट से तुर्की पहुंचना पड़ा। एक संकटग्रस्त देश की मदद में अड़ंगा डालकर पाकिस्तान विश्व समुदाय के समक्ष निंदा का पात्र बनकर उभरा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अस्थिरता के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान की हरकत से विश्व समुदाय के समक्ष उसकी साख और कमजोर हुई है।
एक दिन पहले भयंकर भूकंप के झटके झेलने के कारण तुर्की में 5000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत में तुर्की को राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया था। ऐसे में राहत सामग्री लेकर भारत का जो विमान तुर्की के लिए रवाना हुआ था उसे पाकिस्तानी एयरस्पेस होते हुए तुर्की पहुंचना था, लेकिन पाकिस्तान ने राहत सामग्री ले जा रहे विमान को अपना एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया। इससे विमान को लंबा रूट तय कर तुर्की जाना पड़ा।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब पाकिस्तान ने संवेदनशील अवसरों पर अपने एयरस्पेस को भारतीय उड़ानों के लिए प्रतिबंधित किया हो। कुछ माह पूर्व अफगानिस्तान में खाद्यान्नों की बड़ी किल्लत को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के लोगों के लिए अनाज भेजा था। ऐसी गंभीर स्थिति में भी पहले पाकिस्तान ने एयरस्पेस देने से इनकार कर दिया था, बाद में दबाव बढ़ने पर मानवीय आधार पर इसकी इजाजत दी थी।
गौरतलब है कि तुर्की में एक दिन पहले आई भयंकर त्रासदी के बाद पीएम मोदी के निर्देश पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री के साथ एनडीआरएफ, मेडिकल टीम और बचाव टीमों को तुरंत तुर्की भेजा जाएगा। पीएमओ के निर्णय के फौरन बाद एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड और आवश्यक उपकरणों के साथ 100 कर्मियों को राहत और बचाव के लिए तुर्की भेज गया है।
तुर्की ने मुसीबत की घड़ी में साथ देने के लिए भारत की प्रशंसा की है और भारत को अपना सच्चा मित्र बताया है। भारत में तुर्की के राजदूत फिरत सुनेल ने भारत सरकार की ओर से इस मदद के लिए धन्यवाद दिया। फिरत सुनेल ने सोशल मीडिया के जरिये कहा कि ‘दोस्त’ तुर्की और हिंदी में एक आम शब्द है। हमारे पास एक तुर्की कहावत है कि जरूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है। उन्होंने भारत को इस मदद के लिए आभार प्रकट किया है।