
हिमाचल प्रदेश के शिमला से 40 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की तड़के सुबह 4:36 बजे रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया।
An earthquake with a magnitude of 4.1 on the Richter Scale hit 40km ENE of Shimla, Himachal Pradesh, India
हिमाचल प्रदेश के शिमला में शनिवार को सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई. National Center for Seismology के मुताबिक, 17 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. वहीं, शिमला में आए भूकंप की गहराई नीचे की तरफ 10 किलोमीटर दर्ज की गई.
रूस में भी भूकंप!
इससे पहले रूस में धरती कांपी थी. रूस के कामचटका प्रायद्वीप क्षेत्र में 7 तीव्रता का भूकंप आया है. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने बताया कि शुक्रवार को यह भूकंप आया. EMSC ने आगे बताया कि यह भूकंप 140 किलोमीटर (86.99 मील) की गहराई पर आया था. यह भूकंपीय घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:35 बजे दर्ज की गई.
भूकंप के तुरंत बाद कोई सुनामी चेतावनी जारी नहीं की गई. अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि झटकों के बाद कोई खतरा नहीं है. वहीं भूकंप के कारण हुए नुकसान या किसी भी तरह कि हताहतों के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
क्यों आता है भूपंक?
विशेषज्ञों का कहना है कि पृथ्वी के अंदर 7 तरह की प्लेट्स हैं, जो लगातार घूम रही होती हैं. ऐसे में जब कभी ये प्लेट्स ज्यादा टकरा जाती हैं, उसे जोन फॉल्ट लाइन कहा जात है. यही नहीं ज्यादा दबाव बनने पर प्लेट्स टूटने लगती हैं और नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. पृथ्वी के नीचे इस उथलपुथल के नतीजे को ही भूकंप कहा जाता है.
भूकंप कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा रिक्टर स्केल से लगाया जाता है. यानी 6 से कम रिक्टर स्केल के भूकंप को तेज नहीं कहा जा सकता है क्योंकि उसमें हल्का कंपन महसूस होता है. वहीं, 7 से 9 के बीच रिक्टर स्केल पर कई बार इमारतों के गिरने से लेकर समुद्री तूफान के आने तक का खतरा हो सकता है. इसके अलावा, जब भूकंप 9 से ऊपर के रिक्टर स्केल पर आता है तो अपने साथ भारी तबाही लेकर आता है.




