उत्तराखंड: रुड़की में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भांडाफोड़, जनसेवा केंद्र की आड़ में चला रहा था कारोबार

sagar parvez
Uttarakhand | Fake Aadhaar & PAN Card racket busted in Roorkee, 1 arrested
Uttarakhand | Fake Aadhaar & PAN Card racket busted in Roorkee, 1 arrested

कलियर पुलिस ने एक होटल में जनसेवा केंद्र की आड़ में चल रहे फर्जी प्रमाण पत्र रैकेट का भंडाफोड़ किया है। बिहार निवासी शहनवाज को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार और पैन कार्ड बना रहा था।

Uttarakhand | Fake Aadhaar & PAN Card racket busted in Roorkee, 1 arrested

उत्तराखंड: जिला हरिद्वार के कलियर थाना पुलिस ने सत्यापन के दौरान एक होटल में चलाये जा रहे जनसेवा केंद्र पर छापा मारकर फर्जी प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। आरोपित के पास से मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।

आरोपित बिहार का रहने वाला है और लंबे समय से यहां फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा कर रहा था। अधिकतर प्रमाण पत्र नगर निगम रुद्रपुर के लेटर पैड पर जारी दिखाए गए हैं। अब तक वह एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को बेच चुका है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कलियर थाना पुलिस ने स्थानीय अभिसूचना इकाई की टीम के साथ सत्यापन के दौरान एक होटल के कमरे में छापा मारा। होटल के कमरे में शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केंद्र का बोर्ड लगाकर जनसेवा केंद्र संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने जब संचालक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम शहनवाज निवासी साहिबगंज, मुजफ्फरपुर बिहार बताया। उसने खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताते हुए पुलिस पर रोब डालने का भी प्रयास किया।

पुलिस को उसने अपना पहचान पत्र भी दिखाया। पुलिस ने जांच की तो पहचान पत्र फर्जी मिला। इसके बाद टीम ने इस जनसेवा केंद्र का कोना-कोना खंगाला। वहां पर स्थानीय व बाहरी राज्यों के लोगों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने का मामला सामने आया। इन सभी जन्म प्रमाण पत्रों पर सीरियल नंबर एक ही अंकित था और उन पर उत्तराखंड शासन का लोगो लगा हुआ था।

अधिकतर प्रमाण पत्र नगर निगम रुद्रपुर के लेटर पैड पर जारी दिखाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नगर पंचायत पिरान कलियर के ईओ से संपर्क कर दस्तावेजों का मिलान किया गया, जिसमें सभी प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई। प्रमाण पत्रों पर किए गए हस्ताक्षर व मोहरें पूरी तरह जाली हैं। कड़ी पूछताछ में आरोपी शहनवाज ने बताया कि वह गूगल से आनलाइन फार्मेट निकालकर साफ्टवेयर की मदद से ऐडिटिंग करता था। वह अब तक एक हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज लोगों को बेच चुका है।

पुलिस ने मौके से 45 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सात अलग-अलग विभागों की मोहरें, एक लैपटॉप, चार्जर, माउस, छह मोबाइल, छह आधार कार्ड व मानवाधिकार आयोग का फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया है।

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