
दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी की सतह पर सफेद झाग दिखाई देने से प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है. छठ पूजा से पहले नदी की स्थिति श्रद्धालुओं के लिए चिंता का कारण बन सकती है.
Delhi | Toxic foam seen floating on the surface of the Yamuna River in Kalindi Kunj this morning
सुर्खी…
- दिल्ली में यमुना नदी बहुत ही ज्यादा प्रदुषित.
- कालिंदी कुंज यमुना नदी में तैरता झाग दिखा.
- दिल्ली सरकार की यमुना को लेकर सफाई पर सवाल.
- दिल्ली सरकार ने यमुना को साफ करने के लिए शुरू किया है प्रोजेक्ट.
देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी बहुत ही ज्यादा प्रदूषित है. दिल्ली सरकार यमुना नदी को साफ करने की लगातार कोशिश कर रही है. इसके लिए सरसाकर ने 9000 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू किया है, लेकिन इसी बीच दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर पानी के ऊपर सफेद झाग तैरता हुआ दिखाई दिया. इससे एक बार फिर दिल्ली सरकार की यमुना को लेकर सफाई पर सवाल खड़ा हो गए हैं.
यमुना में तब सफेद झाग तैरता हुआ नजर आता है, जब यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ती है. यह झाग अभी कालिंदी कुंज में यमुना नदी के पानी पर तैरता हुआ देखा जा सकता है. इससे ये पता चलता है कि यमुना का पानी कितना दूषित और जहरीला है. कालिंदी कुंज में ये नाजारा सीएम रेखा गुप्ता के उस बयान के एक दिन बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने 9000 करोड़ के प्रोजेक्ट के उद्घाटन को लोगों के लिए खुशी का दिन बताया था.
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा था?
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि उनकी सरकार से पिछले डेढ़ साल से लागातार यमुना को साफ करने का कार्य किया है. गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि आज दिल्ली के लोगों के लिए खुशी का दिन है, क्योंकि आज करीब 9000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का उद्घाटन हुआ है. सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में यमुना नदी के कायाकल्प का काम शुरू किया है. हम यमुना को साफ करने की दिशा में लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं.
नदी में प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी बढ़ा हुआ
नदी के सफाई के लिए अपनी सरकार की कमिटमेंट पर जोर देते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ सालों में यमुना पूरी तरह से साफ हो जाएगी. हम दिल्ली वालों को ये खास तोहफा देंगे, लेकिन यमुना नदी में जहरीले झाग का दिखना इस बात का संकेत है कि नदी में प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी बढ़ा हुआ है. छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों से पहले नदी की यह स्थिति श्रद्धालुओं के लिए चिंता का कारण बन सकती है.



