
कई वाहन मलबे में दब गए, जबकि कुछ गाड़ियां बाढ़ के तेज बहाव में बहकर चिनाब नदी तक पहुंच गईं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक प्रभावित वाहनों की संख्या और कुल नुकसान का आधिकारिक आकलन जारी नहीं किया है।
Flash floods in Jammu and Kashmir’s Chenab Valley stall Kwar hydroelectric project, close Doda-Kishtwar highway, India
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद थथरी कस्बे के ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ के साथ आए कीचड़, मलबे और बड़े पत्थरों ने कई घरों, दुकानों और सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों के दौरान डोडा और किश्तवाड़ जिलों में अचानक बाढ़ आने की यह तीसरी घटना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण थथरी शहर में भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिससे कई रिहायशी और व्यावसायिक भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन मलबे में दब गए, जबकि कुछ गाड़ियां बाढ़ के तेज बहाव में बहकर चिनाब नदी तक पहुंच गईं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक प्रभावित वाहनों की संख्या और कुल नुकसान का आधिकारिक आकलन जारी नहीं किया है।
अचानक आई बाढ़ के कारण डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन ने पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं सफाई अभियान शुरू किया और सड़क से मलबा हटाकर संपर्क बहाल करने का काम शुरू किया।
यह घटना उस दिन के बाद सामने आई है जब लगातार बारिश के चलते निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के पास डोडा-किश्तवाड़ हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।
डोडा के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण लाल ने बताया कि प्रशासन ने जिले में बारिश से जुड़ी सभी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह थथरी तहसील के प्रेम नगर क्षेत्र में पहाड़ी ढलान से मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया था, जिसे सुबह ही हटाकर यातायात सामान्य कर दिया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि चिराला तहसील और बागना लिंक रोड पर भी भारी बारिश के कारण कीचड़ और पत्थर जमा हो गए थे, लेकिन वहां भी सफाई अभियान चलाकर रास्ता खोल दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की नहीं, बल्कि अत्यधिक बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ की है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान ढलानों से मिट्टी और छोटे-बड़े पत्थरों का नीचे आना सामान्य प्रक्रिया है और प्रशासन ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने या उसे साझा करने से पहले जिला कंट्रोल रूम अथवा जिला प्रशासन से उसकी पुष्टि अवश्य करें।



