
अमेरिका के हमले के बाद अब ईरान भी हमलावर हो गया है। IRGC ने गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक अमेरिकी एयरबेस पर अटैक कर दिया है। IRGC ने खुद इसकी पुष्टि की है।
Iran claims attack on American air base after U.S. military strikes, further clouding peace deal prospects
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ अस्थायी सीजफायर अब टूटने की कगार पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। इसकी वजह अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर किया गया एक और बड़ा एयरस्ट्राइक बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमला किया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के रणनीतिक शहर बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में रात करीब 1:30 बजे लगातार तीन जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि धमाकों की सटीक लोकेशन और हमले की प्रकृति को लेकर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की। अधिकारी के अनुसार, जिस सैन्य ठिकाने पर हमला किया गया, उससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को खतरा होने की आशंका थी।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से छोड़े गए कई घातक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
ईरानी मीडिया ने भी हमलों की पुष्टि की है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, धमाकों के तुरंत बाद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया और कई मिनटों तक आसमान में जवाबी फायरिंग की गई। फिलहाल ईरानी अधिकारियों ने नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
गौरतलब है कि पिछले 48 घंटों में यह अमेरिका का ईरान पर दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नौसेना की उन नावों को निशाना बनाया था, जिन पर समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप था। सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने उस कार्रवाई को अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था।
इन हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया और कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी। ईरानी सरकार ने साफ कहा कि किसी भी आक्रामक कदम का जवाब दिया जाएगा।
इस बीच, दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और युद्ध को पूरी तरह रोकने के लिए ओमान और कतर की मध्यस्थता में बैक-चैनल बातचीत जारी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ किसी भी समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, “मैं मौजूदा प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हूं। अगर समझौता होगा तो हमारी शर्तों पर होगा, वरना हमें सैन्य कार्रवाई के जरिए इस मामले को पूरी तरह खत्म करना पड़ेगा।”
ट्रंप ने ईरान के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि भविष्य के किसी समझौते के तहत ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य के शिपिंग रूट को नियंत्रित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए हर हाल में खुला रहेगा।



