उत्तराखंड में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में गंगा नदी में पवित्र स्नान किया
Uttarakhand | Devotees take holy dip in river Ganga in Haridwar on the occasion of Buddha Purnima.
बुद्ध पूर्णिमा के साथ बैशाख स्नान भी समाप्त हो जाएगा। धार्मिक शास्त्रों में बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5.30 बजे से 7.30 बजे तक होगा। स्नान के बाद फल, वस्त्र, छतरी, चांदी दान सबसे अधिक फलदायी माना जाता है। मुहूर्त शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।
भारतीय प्राच्य विद्या सोसाइटी कनखल के ज्योतिषाचार्य डाॅ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक 5 मई शुक्रवार को भगवान बुद्ध का जन्म दिवस है। मान्यता है कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म में बैशाख माह को श्री नारायण की भक्ति के लिए उत्तम मास माना गया है।
इसके चलते श्रद्धालु पवित्र तीर्थ स्थलों में स्नान और दान कर पुण्य अर्जित करते हैं। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। पूर्णिमा जगत के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान के लिए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे से शुक्रवार को स्नान संपन्न होने तक प्लान लागू रहेगा। इस अवधि में शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। एसपी क्राइम एवं यातायात रेखा यादव ने बताया कि स्नान के लिए रूट डायवर्जन के साथ अलग अलग रूटों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग सुनिश्चित की गई है