बाबा केदार की पंच मुखी चल विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास ओमकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई, इस दौरान मंदिर परिसर में भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
The doors of Kedarnath Dham closed amidst the cheers of Bomb Bhole-Jai Baba Kedar, will now sit in Omkareshwar temple for 6 months
उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में स्थित बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट अब शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। आज यानी भैया दूज के अवसर पर मंत्रोच्चारण और बाबा केदार के जयकारों के बीच मंदिर के कपाट बंद किए गए। बाबा केदार की पंच मुखी चल विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास ओमकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई, इस दौरान मंदिर परिसर में भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
29 अक्टूबर को डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी
बता दें, 29 अक्टूबर को डोली अपने शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। भैयादूज के पावन पर्व पर गुरुवार को परंपरानुसार भगवान आशुतोष के ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग श्रीकेदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर सैकड़ों भक्तों ने बाबा के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गौरतलब है कि इस वर्ष केदारनाथ यात्रा में रिकॉर्ड 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
सुबह 4 बजे से ही मंदिर में शुरू हो गई थी पूजा अर्चना
सुबह चार बजे से ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने आराध्य का श्रृंगार कर आरती उतारी। इस मौके पर स्वयंभू लिंग को समाधि रूप देकर पुष्प व भस्म से ढका गया। भगवान की भोग मूर्तियों को चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान कर भक्तों के दर्शनों के लिए कुछ देर मंदिर परिसर में रखा गया।