जिलाधिकारी और प्रमुख वन संरक्षक ने लोगों और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित करने के साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने और अन्य कदम उठाने के आदेश दिए हैं। अगर गुलदार पकड़ा जाता है तो उसे मारने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
leopard terror | Night curfew imposed in a dozen villages including Srinagar, Uttarakhand
उत्तराखंड में रिहायशी इलाकों में गुलदारों का आतंक बढता जा रहा है। श्रीनगर में तो गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब यहां नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। 7 से 9 फरवरी तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। इसका असर भी दिखाई दे रहा है। शाम होते ही लोग बाजार में अपनी-अपनी दुकानों को बंद कर घरों में कैद हो जा रहे हैं। श्रीनगर सहित कई इलाकों में ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
यहां बीते शनिवार और रविवार को एक गुलदार ने 2 मासूम बच्चों का शिकार कर उन्हें अपना निवाला बनाया था। महज 24 घंटे के अंदर हुई 2 मासूम बच्चों की मौत से स्थानीय लोगों में प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश व्याप्त है। गुलदारों के आतंक के लिए लोग वन विभाग को दोषी मान रहे हैं।
इधर जिलाधिकारी और प्रमुख वन संरक्षक ने लोगों और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित करने के साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने और अन्य कदम उठाने के आदेश दिए हैं। अगर गुलदार पकड़ा जाता है तो उसे मारने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
वहीं, वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए 10 सदस्यीय टीम का गठन किया है। नाइट कर्फ्यू के साथ ही वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतें की अपील भी की है। रात में पुलिस और वन विभाग की टीम ने गश्त बढ़ा दी है। गुलदार के दिखने के संभावित स्थानों पर कई जगह कैमरे लगाए हैं। हालांकि, फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है।




