
केरल के कन्नूर जिले की एक विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा नेता के. पद्मराजन को नाबागिक छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी पाया.
BJP leader found guilty in Palathayi POCSO case in Kerala
केरल: चौथी कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी शिक्षक और पूर्व भाजपा नेता के. पद्मराजन को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. कन्नूर जिले के थालास्सेरी की फास्ट ट्रैक अदालत ने मामले में फैसला सुनाया. आरोपी पर धारा 376AB (दुष्कर्म) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. थालास्सेरी पॉक्सो विशेष न्यायालय के न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई.
आरोपी का नाम के पद्मराजन है, जो भाजपा का सदस्य था और पंचायत अध्यक्ष भी रह चुका है.
मामला जनवरी और फरवरी 2020 के बीच स्कूल के कम्फर्ट रूम में छात्रा के साथ तीन बार यौन शोषण से जुड़ा है. 23 फरवरी, 2024 को पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश टी.टी. जॉर्ज के समक्ष मुकदमा शुरू हुआ. छात्रा समेत 12 गवाहों से जिरह की गई. न्यायाधीश टीटी जॉर्ज के स्थानांतरण के बाद, न्यायाधीश बी. श्रीजा के समक्ष मुकदमा जारी रहा. अभियोजन पक्ष ने चार शिक्षकों समेत 40 गवाहों से जिरह की. बचाव पक्ष ने 3 गवाहों से जिरह
बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, लेकिन न्यायाधीश का फिर से स्थानांतरण हो गया. इसके बाद मामला न्यायाधीश जलारानी के पास पहुंचा, जिन्होंने आरोपी को दोषी पाया.
17 मार्च 2020 को दर्ज हुआ था केस
अधिकारियों के मुताबिक, दुर्व्यवहार की घटना की सूचना सबसे पहले चाइल्डलाइन को दी गई. बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर, स्थानीय पुलिस ने 17 मार्च, 2020 को मामला दर्ज किया था. आरोपी को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. पीड़िता की मां की अपील पर, राज्य के डीजीपी ने 24 अप्रैल, 2020 को मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी थी. 14 जुलाई, 2020 को अपराध शाखा ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और 82 के तहत एक अंतरिम आरोपपत्र दाखिल किया. आरोपी को तीन महीने बाद जमानत मिल गई.
जांच के संबंध में क्राइम ब्रांच आईजी से फोन पर हुई बातचीत पर विवाद के बाद, तत्कालीन लोक अभियोजक ने अदालत में एक याचिका दायर कर जांच दल में एक महिला आईपीएस अधिकारी को शामिल करने की मांग की. एएसपी रेशमा रमेश को जांच दल में शामिल किया गया. इसके बाद, हॉस्टल के एडीजीपी ई.के. जयराजन और डीएसपी रत्नकुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल ने जांच की. मई 2021 में पॉक्सो की धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया.




