कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जहां दलितों के मकान गिराए जाने के मामले पर आक्रामक हैं। वहीं, इस मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है।
Uproar over the demolition of Dalit houses in Sagar, Madhya Pradesh, Digvijay Singh staged a sit-in, the administration accepted the demand
मध्य प्रदेश के सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक दलितों के मकान वन विभाग द्वारा गिराए जाने के मामले ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जहां इस मामले पर आक्रामक हैं। वहीं, इस मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है।
दरअसल, सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र के रैपुरा में सात दलित परिवारों ने वन विभाग की जमीन पर आवास बनाए थे। यह आवास प्रधानमंत्री योजना के तहत बनाए गए थे। बीते दिनों वन विभाग ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन मकानों को बेजा कब्जा करार देते हुए बुलडोजर चला दिया। सुरखी विधानसभा क्षेत्र से शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्री गोविंद राजपूत विधायक हैं। उनकी गिनती केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबियों में होती है।
रैपुरा में मकान गिराए जाने के मामले ने सियासी रूप ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गांव में पहुंचे और उन्होंने दलितों से बातचीत की। इतना ही नहीं इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अघोषित तौर पर धरने पर ही बैठ गए। जब प्रशासनिक अमला आया और कलेक्टर दीपक सिंह ने लिखित में यह आश्वासन दिया कि पीड़ितों को मकान बनाकर दिए जाएंगे, जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और जब तक इनके मकान नहीं बन जाते तब तक प्रशासन उनकी सभी जरूरतों को पूरा करेगा, तब जाकर उन्होंने धरना खत्म किया।
इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह की ओर से अतिक्रमण हटाने वाले अधिकारियों पर अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। वहीं बीएसपी प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर राज्य सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की विध्वंसकारी द्वेषपूर्ण बुलडोजर राजनीति लोगों के घर व स्कूल तोड़ते-तोड़ते अब पीएम आवास योजना के अन्तर्गत बने गरीबों के मकान भी तोड़ने लगी है, जो अति-निन्दनीय। इसी क्रम में सागर जिले में पीएम योजना के तहत बने सात दलित परिवारों के घरों का ध्वंस शर्मनाक।




