शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता संजय राउत ने आशंका जताई है कि ऐन लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के समय गोधरा जैसी घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।
Fear Godhra-like incident during Ram Temple inauguration, BJP can do anything to win 2024 polls: Sanjay Raut
उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि लोगों के मन में यह डर है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर के उद्घाटन के मौके पर कहीं गोधरा जैसी कोई घटना न हो जाए।
संजय राउत ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि, “आम लोगों और कई राजनीतिक नेताओं के मन में डर है कि जो राजनीतिक दल (बीजेपी) चुनाव जीतने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का नाटक कर सकता है… वह कुछ भी कर सकता है। जैसाकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया था 2019 का पुलवामा आतंकी हमला वास्तव में नहीं हुआ था, बल्कि इसे करवाया गया था। इसी तरह की बातें गोधरा (2002 में) के बारे में भी कही जा रही हैं, कि यह साजिश रची गई थी।”
गौरतलब है कि गोधरा में ट्रेन में आगजनी की घटना के बाद गुजरात में दंगे भड़क उठे थे, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी। इसी तरह पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आंतकवादी अड्डों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक की थी।
संजय राउत ने कहा है कि, “हमें इस बात की आशंका है कि राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान भी लोग ट्रेन से अयोध्या जाएंगे और इस दौरान किसी एक स्टेशन पर ट्रेनों पर पत्थरबाजी शुरू हो गई और हमले शुरू हो गए तो बीजेपी को दंगा फैलाने और उकसाने का मौका मिल जाएगा, और ये सबकुछ पहले से तय भी हो सकता है और इसी बात का डर है।“
उन्होंने कहा कि अब तो राम मंदिर भी बन गया, आगामी 2024 चुनाव के लिए बीजेपी के पास कोई एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए अपनी कुर्सी बचाने के लिए और वोट पाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। आगामी चुनाव से पहले हमें सांप्रदायिक दरार और दंगे जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
संजय राउत ने आगे कहा कि “2014 में, राम मंदिर के नाम पर बीजेपी ने लोगों को बेवकूफ बनाया और 2019 में, उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का नाटक किया और वोट पाने के लिए सांप्रदायिकता को हवा दी। अब, 2024 में चुनाव जीतने के लिए वे फिर से सांप्रदायिक वैमनस्य भड़का रहे हैं। देश में महंगाई और बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन वे इस पर चर्चा किए बिना सांप्रदायिक दंगे भड़काकर चुनाव का सामना करना चाहते हैं।” हम इस बात को लेकर जागरुक हैं और जरूरत है तो लोगों को जागरुक करने की।




