आजम खान का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है और अब उनके मताधिकार को खत्म कर दिया गया है। कोर्ट से सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी पहले ही चली गई थी और उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लग गई थी।
Azam Khan’s name removed from voters’ list
समाजवादी पार्टी नेता आजम खान की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनके मतदान का अधिकार भी छीन लिया गया है। कोर्ट से तीन साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी चली गई और चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। अब उनके वोट डालने के अधिकार को भी खत्म कर दिया गया है। रामपुर विधानसभा सीट के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम -1950 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया है।

अधिकारी ने यह आदेश रामपुर से बीजेपी उम्मीदवार आकाश सक्सेना की शिकायत पर दिया है। आकाश सक्सेना ने बुधवार को एसडीएम सदर और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रामपुर विधानसभा क्षेत्र निरंकार सिंह को अर्जी देकर मांग की थी कि चूंकि आजम खान पर चुनावी भ्रष्टाचार का आरोप है, इसलिए उनके वोट देने के अधिकार को रद्द किया जाए।
शिकायत में सक्सेना ने कहा था कि भड़काऊ भाषण देने के मामले में आजम खां को तीन साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा आरोप साबित होने के बाद सुनाई गई है। ऐसे में आजम खान की सदस्यता रद्द कर दी गई है। जिसकी वजह से रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। आजम खां सजायाफ्ता हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-16 के अंतर्गत एक अपराधी को वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया है। ऐसे में आजम खां का नाम भी मतदाता सूची से काटा जाए।
इस अर्जी पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने गुरुवार को देर शाम आजम खान का नाम वोटर लिस्ट से तत्काल काटे जाने का आदेश जारी किया है। उन्होने अपने आदेश में कहा है कि आवेदक की ओर से उपलब्ध कराई कोर्ट के आदेश की कॉपी और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अध्ययन के बाद आजम खां का नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने के उपयुक्त है।


