बच्चे के दादा ने बताया कि बच्चे को टहलाने गया था। मैं किसी काम से रुका था कि एक सांड ने हमला कर दिया और बच्चे को पैरों के नीचे दबाकर बैठ गया। बच्चा ठीक है। उसका सिर, गाल, चेहरा खुरच गया है।
The terror of stray animals continues in Yogiraj, a two and a half year old boy was trampled by a bull in Aligarh, what happened to Modi’s promise?
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में खुले में घूम रहे आवारा जानवर लगातार कहर बरपा रहे हैं। प्रदेश में आवारा सांडों का आतंक बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला अलीगढ़ में सामने आया है। यहां के धनीपुर मंडी इलाके में ढाई साल के बच्चे को आवारा सांड ने अकेला पाकर रौंद दिया। सांड ने पहले बच्चे को सींग से उठाकर पटक दिया इसके बाद वह बच्चे को दबाकर बैठ गया। जैसे ही आस-पास के लोगों ने देखा मौके पर भागते हुए पहुंचे और मासूम बच्चे को सांड से छुड़ाया।
बच्चे के दादा ने बताया, “बच्चे को टहलाने गया था। मैं किसी काम से रुका था कि एक सांड ने हमला कर दिया और बच्चे को पैरों के नीचे दबाकर बैठ गया। बच्चा ठीक है। उसका सिर, गाल, चेहरा खुरच गया है।”
प्रधानमंत्री मोदी के वादे का क्या हुआ?
साल 2022 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्नाव की चुनावी सभा में आवारा पशुओं के मुद्दे पर अपने अंदाज में किसानों को भरोसा दिया था। तब पीएम ने कहा था कि आचार संहिता लागू होने की वजह से वह योजना का खुलासा तो नहीं कर सकते लेकिन ‘आप लोगों को छुट्टा जानवरों से जो परेशानी होती है, उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। मेरे यह शब्द लिखकर रखिए, ये मोदी बोल रहा है, और आपके आशीर्वाद के साथ बोल रहा है। जो पशु दूध नहीं देता है, उसके गोबर से भी आय हो, ऐसी व्यवस्था मैं आपके सामने खड़ी कर दूंगा। और एक दिन ऐसा आएगा कि छुट्टा जो पशु हैं न, लोगों को लगेगा, यार, घर में इसको बांध लो, इससे भी कमाई होने वाली है।’ पीएम मोदी के इस वादे को एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकाला गया। आज भी प्रदेश में हालत जस की तसब बनी हुई है।
छुट्टा पशुओं के मामले में उप्र देश में दूसरे नंबर पर
योगी सरकार 2.0 के एक साल पूरे होने को है लेकिन हालात पहले वाले ही हैं। किसानों को तो छोड़िए, डेयरी वालों- चाहे वे छोटे हों या बड़े, की भी गोबर से तो कमाई नहीं हो रही है। इसके उलट, सितंबर, 2022 में नालियों में गोबर बहा देने के आरोप में 12 छोटी डेयरियों पर जुर्माना लगा दिया गया।
पशुपालन और डेयरी विभाग ने 20वीं पशुगणना की जो रिपोर्ट जारी की, उसके मुताबिक, देश में बेसहारा घूमने वाले छुट्टा पशुओं के मामले में यूपी देश में दूसरे नंबर पर है। यहां धमाचौकड़ी मचा रहे आवारा पशुओं की संख्या 11.80 लाख है। हर गांव में इनकी संख्या 18 से 20 है।


