दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पिछले चार दिनों में दूसरी बार भूकंप आया है, जिससे लोग सहम गए हैं। भूकंप के झटके 4 बजकर 18 मिनट पर लगे हैं।
Strong earthquake tremors were felt in Delhi-NCR again
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए. बीते 4 दिनों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आया यह भूकंप का तीसरा बड़ा झटका है. इस बार भी भूकंप का केंद्र नेपाल में था और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.6 मापी गई. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) ने ट्वीट कर बताया कि भूकंप का केंद्र नेपाल में था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी. भूपंक के झटके शाम 4 बजकर 16 मिनट और 40 सेकंड पर महूसस किये गए.
इससे पहले बीते शुक्रवार (3 नवंबर को) को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में दो बार भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए थे. उस समय भी भूकंप का केंद्र नेपाल ही था. शुक्रवार 3 नवंबर को भूकंप का पहला झटका शाम 6 बजकर 2 मिनट पर आया और उसकी तीव्रता 5.7 मापी गई. इसके बाद रात 10:30 बजे भी भूकंप के झटके महसूस किये गए जिसकी तीव्रता 4 मापी गई थी.
भूकंप आए तो क्या करें क्या न करें?
- भूकंप के झटके महसूस हो तो तुरंत फर्श पर बैठ जाएं और सिर को नीचे की तरफ झुकाकर रखें. बेहतर होगा कि आप किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर की आड़ लेकर अपना बचाव करें.
- घर के बुजुर्ग और बच्चों पर खास ध्यान रखें, उन्हें हौसला दें और बचाव के तरीके बताकर उन्हें सबसे पहले सुरक्षित करें.
- भूकंप का झटका बहुत तेज है तो सावधानी से अपने घरों से बाहर निकलकर खुले मैदान या सड़क पर चले जाएं.
- अगर घर से निकलने का रास्ता संकरा है और दोनों ओर घर बने हुए हैं तो बाहर निकलने की बजाए घर में ही रहें.
- भूकंप आने पर कांच, खिड़की, पंखा या झूमर आदि जैसी किसी भी भारी और गिरने वाली चीज से दूर रहें.
- अगर आप बिस्तर पर लेटे हैं तो तकिये से अपने सिर को ढंक लें. बच्चों पर निगरानी रखें.
- घर से बाहर निकलकर खुले मैदान या सड़क पर खड़े हों तो इसका जरूर ध्यान रखें कि आसपास बिजली, टेलीफोन के खंभे या बड़े पेड़ तो नहीं.
- अगर भूकंप आए और उस वक्त अगर आप ड्राइव कर रहे हैं तो गाड़ी को किसी सुरक्षित स्थान पर रोक लें और कुछ देर गाड़ी में ही बैठे रहें.
- हमेशा बहुत तेज भूकंप आने के कुछ घंटों तक आफ्टर शॉक्स आ सकते हैं. इनसे बचने का इंतजाम पहले ही कर लें. आफ्टर शॉक्स आने की कोई तय अवधि नहीं होती है. ऐसी परिस्थितियों में धैर्य रखें और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें.




