पत्र में सिसोदिया ने कहा है कि जहां पूरी दुनिया विज्ञान और नई तकनीक के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं देश की छवि के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हल्के बयान काफी खतरनाक और नुकसानदायक हो सकता है।
Need To Have Educated PM, Modi Doesn’t Understand Science: Manish Sisodia Wades Into Degree Row
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से लगातार हमला जारी है। आबकारी नीति मामले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक पत्र लिखा है। पत्र में सिसोदिया ने पीएम के कुछ बयानों का जिक्र करते हुए गंभीर चिंता जाहिर की है। पत्र में सिसोदिया ने कहा है कि जहां पूरी दुनिया विज्ञान और नई तकनीक के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं देश की छवि के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हल्के बयान काफी खतरनाक और नुकसानदायक हो सकता है।
मनीष सिसोदिया ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़े किए हैं। सिसोदिया ने पीएम मोदी को उनके पुराने बयानों पर घेरते हुए कहा कि देश का युवा आगे बढ़ना चाहता है। विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहता है, लेकिन क्या कम पढ़ा लिखा प्रधानमंत्री, इन युवाओं के सपनों को पूरा करने की क्षमता रखता है? सिसोदिया ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री मोदी से मिलते हैं, वह उनसे कितने कागजों पर दस्तखत करा लेते हैं और प्रधानमंत्री मोदी इसके बदले झप्पी देते हैं। पीएम मोदी इस बात को समझ भी नहीं पाते, क्योंकि वह कम पढ़े लिखे हैं। उनके पास विज्ञान की बुनियादी जानकारी तक नहीं है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पत्र को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से रि-ट्वीट किया है। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी शिक्षा की अहमियत नहीं समझते और ना ही विज्ञान की बातों को वह समझते हैं। सीएम केजरीवाल ने कहा कि बीते कुछ सालों में 60 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया। देश की तरक्की के लिए एक पढ़ा लिखा प्रधानमंत्री होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों का स्तर बेहतर कर दिया जाता तो लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में भेजना शुरू कर देते, जैसा कि अब दिल्ली में होने लगा है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि देशभर में सरकारी स्कूलों का बंद होना खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा नहीं है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं देंगे, तो क्या देश तरक्की कर सकता है? कभी नहीं! उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी जी का एक वीडियो देखा था, जिसमें वो बड़े गर्व से कह रहे हैं कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं। सिर्फ गांव के स्कूल तक ही उनकी शिक्षा हुई। क्या अनपढ़ या कम पढ़ा-लिखा होना गर्व की बात है?





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